ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान मामले में प्रतिवादी पक्ष (मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पक्ष) द्वारा जवाब दाखिल करने के लिए और अधिक समय मांगे जाने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और प्रतिवादी पक्ष पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया।
🏛️ अदालत ने दिया तय समय-सीमा में जवाब दाखिल करने का निर्देश, 2 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने जवाब के लिए समय मांगे जाने के अनुरोध को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन देरी के चलते हर्जाना भी लगाया। हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार के अनुसार, अदालत ने प्रतिवादी पक्ष को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे तय समय-सीमा के भीतर अपना जवाब दाखिल करें। इस मामले की अगली सुनवाई अब आगामी 2 नवंबर को निर्धारित की गई है, साथ ही जुर्माने की राशि झारखंड स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी में जमा करने को कहा गया है।
📄 क्या है पूरा मामला? जमीन घोटाले की जांच के दौरान दर्ज हुई थी एफआईआर
गौरतलब है कि जमीन घोटाले से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से रांची के एससी-एसटी थाने में ईडी के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें अधिकारियों पर उत्पीड़न और अधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया था। ईडी अधिकारियों ने इस एफआईआर को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है, जिस पर पहले से ही पीड़क कार्रवाई पर रोक जारी है।





