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विरासत में गद्दी तो मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं : राज्यमंत्री गंगवार

पीलीभीत। सांसद वरुण गांधी और गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के बीच चल रही जुबानी जंग जारी है। रविवार को राज्यमंत्री ने सांसद पर फिर तंज कसते हुए गांधी परिवार पर निशाना साधा है। दरअसल सासंद वरुण गांधी ने गत दिनों क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान राज्यमंत्री के पिता को लेकर टिप्पणी की थी। रविवार को शहर के गौरीशंकर मंदिर परिसर में आयोजित मन की बात कार्यक्रम में भाग लेने के बाद राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार से मौजूद मीडियाकर्मियों ने सांसद की टिप्पणी के बारे में जिक्र किया। राज्यमंत्री ने कहा कि मैं गौरीशंकर धाम में खड़ा हूं, यह पवित्र धाम है।

हमारी पार्टी और हमारी सरकार ने बड़े बुजुर्गों की इज्जत करना सिखाया है। मैं उनके पिता जी और दादी जी को नमन करता हूं। लेकिन उनको इस तरह की भाषा बोलना शोभा नहीं देता, जिसकी ताई जमानत पर हो, जिसके जीजा जमानत पर हो, जिसका तहेरा भाई जमानत पर हो। गंगवार ने कहा ‎कि मैं उनकी मां का दर्जा बहुत बड़ा मानता हूं इसलिए उनकी मां के बारे में कुछ नहीं बोलूंगा, लेकिन आप सब जानते हैं कि मौलाना अब्दुल कलाम आजाद फंड का कुछ प्रकरण उनका भी है। मैं एक ही बात कहूंगा कि विरासत में गद्दी तो मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिल सकती। बस इतना ही कहूंगा।
गौरतलब है कि सासंद वरुण गांधी ने पिछले दिनों क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान आयोजित जनसभा में बगैर नाम लिए कहा था कि जिन लोगों की औकात उनकी चप्पल उठाने की नहीं थी, वे लोग पांच पांच गाड़ियों के काफिले में चल रहे हैं। सासंद का यह बयान इंटरनेट मीडिया पर खूब प्रसारित हुआ। जिसके बाद राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने बीसलपुर में आयोजित सभा में सांसद के बयान का पलटवार करते हुए कहा था कि जो लोग पीलीभीत के लोगों को चप्पल उठाने वाला बता रहे हैं, ऐसे लोगों को जनपद की जनता जबाव देगी।

 

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