ब्रेकिंग
गणेशोत्सव में DJ और लाउडस्पीकर पर छिड़ा सियासी घमासान, AIMIM और शिंदे गुट आमने-सामने मथुरा का रहस्यमयी कोयले घाट, जहां वासुदेव ने कान्हा को टोकरी में रखकर पार की थी यमुना अरनिया में मिले 2 पाकिस्तानी कबूतर, पंजों में बंधी रिंग पर लिखे मिले पाक मोबाइल नंबर; सुरक्षा एजेंसि... पटना के गांधी घाट पर रिकॉर्ड स्तर छू सकती है गंगा, 8 जिलों में अलर्ट जारी; हेल्पलाइन 1070 सक्रिय अल्मोड़ा के सल्ट में 8 महीने बाद दहशत का अंत: 4 लोगों का शिकार करने वाला बाघ ट्रेंकुलाइज नशेड़ी बेटे ने मां और सास पर किया जानलेवा हमला, बच्ची को कमरे में किया बंद; पुलिस ने किया गिरफ्तार नीले ड्रम कांड की आरोपी मुस्कान की बेटी जेल में मनाएगी जन्माष्टमी, सांस्कृतिक कार्यक्रम में बनेगी रा... प्रयागराज कोर्ट में पेश नहीं हुए सांसद पप्पू यादव: अदालत ने दिया हाजिर होने का अंतिम अवसर ब्रिक्स समिट के चलते 11 सितंबर को दिल्ली में अवकाश: उपराज्यपाल ने जारी किया नोटिफिकेशन कनॉट प्लेस इनर सर्किल फिर होगा वाहनमुक्त? NDMC ने जनता से मांगे सुझाव, जानिए प्लान
मध्यप्रदेश

 बेमौसम बरसात से खुले में रखे सोयाबीन व गेहूं भीगे

भोपाल । प्रदेश की उज्जैन और खाचरौद कृषि उपज मंडी में बेमौसम बरसात से हजारों बोरी सोयाबीन व गेहूं के बोरे तरबतर हो गए। डोम में रखे गेहूं के ठप्पे भी गीले हो गए। नालियां जाम होने के चलते थोड़ी देर की बरसात से नालों का पानी सड़क पर आ गया। गुरुवार की बीती रात व शुक्रवार को दिनभर रुक रुककर हुई जोरदार बरसात ने कृषि उपज मंडी में खुले में रखे हजारों क्विंटल गेहूं को तरबतर कर दिया। सोया प्लांटों को भेजे जाने के लिए रखे सोयाबीन के ढेर को भी गीला कर दिया। जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। कारोबारी निमेष अग्रवाल ने बताया कि देशावर में भेजने के लिए करीब 15 हजार क्विंटल गेहूं का स्टेक लगा हुआ था। जो परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं होने से रह गया। इस दौरान वर्षा होने से गीला हो गया। कलर डेमेज होने से काफी नुकसान हुआ है। बारिश तेज होने से व्यापारियों को अपनी उपज को संभालने का मौका न मिल पाने से करीब 20 हजार बोरी गेहूं भीग गया। डोम में भी पानी आ जाने से यहां पर रखी उपज की बोरियां भी गीली हो गई। दिनभर किसानों को भी नीलामी से लेकर तोल करने तक में परेशान होना पड़ा। शुक्रवार को करीब 20 हजार बोरी गेहूं की आवक रही। उधर खाचरौद में मौसम के एकाएक परिवर्तन के साथ ही शाम को नगर में तेज वर्षा से पूरे क्षेत्र में ठंडक घुल गई। शुक्रवार शाम 4 बजे से नगर में रुक-रुककर तो कभी तेज वर्षा से पूरा अंचल तरबतर हो गया। इस बिन मौसम बरसात से नगर की नवीन एवं पुरानी कृषि उपज मंडी में खुले में पड़ा व्यापारियों का हजारों क्विंटल गेहूं पानी से खराब होने के साथ ही व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हो गया। इधर मंडी व्यापारी निशित सिसोदिया ने बताया कि कृषि उपज मंडी में व्यापारियों को कई वर्षों से मंडी समिति गोडाउन आवंटन नहीं कर रही है, जिसके कारण व्यापारियों को अपना माल खुले में रखना पड़ता है। इस कारण उन्हें इस प्रकार बिन मौसम हो रही बरसात से लाखों रुपये का नुकसान होता है, जबकि व्यापारियों ने कई बार मंडी समिति के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर भी गोदाम आवंटन की प्रक्रिया सरल सहज करने की कोशिश की। लेकिन सफलता नहीं मिली। जिससे माल खुले में पड़ा रहने से व्यापारियों को भारी नुकसान होता है।

Related Articles

Back to top button