ब्रेकिंग
Acid Attack In Balod: कोर्ट पेशी के दौरान आरोपियों पर फूटा लोगों का गुस्सा, वकीलों ने पैरवी करने से ... Indore Cleanliness News: सफाई मित्रों के समर्थन में उतरी कांग्रेस, कचरे के बीच पोस्टर लगाकर नगर निगम... Bunty Nagar Suicide Update: डीएसपी के फंसे पैसों और फायनेंसर के दबाव पर बड़ा खुलासा, पुलिस खंगाल रही... IMD Rain Alert: यूपी, बिहार से लेकर पहाड़ी इलाकों तक आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 का शेड्यूल: जानें फॉर्म भरने और फीस ज... Sonari Police Station Case: पूनम अरोड़ा, सन्नी और सक्षम अरोड़ा के खिलाफ प्राथमिकी, व्हाट्सएप चैट और ... Singrauli Collector Initiative: एलन और आदित्य बिड़ला ग्रुप के सहयोग से छात्रों को मिलेगी सौगात, दूरद... Rahul Gandhi vs ECI: वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग जाने से रोके गए राहुल गांधी, पुलिस ने कई नेताओ... Prayagraj Poster Politics: दलित-पिछड़ा साथ चलेगा और फिर बनेगी योगी-मोदी की सरकार, चुनाव से पहले शहर ... Moradabad Police Action: आरोपी अरबाज खान गिरफ्तार और जेल भेजा गया, युवती को गांव के बाहर छोड़कर हुआ ...
मध्यप्रदेश

बड़वानी जिला अस्पताल में ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़

बड़वानी ।   मध्य प्रदेश में आज से सरकारी डाक्टरों की हड़ताल शुरू हो गई है। बड़वानी जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में इसका असर दिख रहा है। मरीजों के लिए प्रशासन और सीएमएचओ ने आयुष सहित अन्य डाक्टरों की सेवाएं ले रहे हैं। बुधवार सुबह बड़वानी कलेक्टर डा. राहुल फटिंग जिला अस्पताल पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सहित सभी मरीजों के लिए अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। अगर जरूरत पड़ी तो सीएमएचओ प्राइवेट डाक्टरों से भी मदद लेंगे।

कल दो घंटे में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं, मरीज होते रहे परेशान

मंगलवार सुबह जब मरीज बड़वानी जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे तो पंजीयन के लिए कतार में लगे, लेकिन पंजीयन के बाद चिकित्सकों की तलाश करते नजर आए। दो कमरों और एक हाल में संचालित होने वाली ओपीडी के विभिन्न केबिन में एक भी चिकित्सक नजर नहीं आया। ऐसे में कई मरीज व उनके स्वजन परेशान होकर लौट गए, तो कई ओपीडी के सामने बने पूछताछ केंद्र पर जानकारी लेते नजर आए। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाली ओपीडी की शिफ्ट में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमराती नजर आई। दरअसल शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ के तत्वावधान में जिला अस्पताल के सभी करीब 55 चिकित्सक विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन पर उतरे हैं।

मंगलवार को सांकेतिक रूप से दो घंटे करी थी हड़ताल

इसके तहत मंगलवार को सांकेतिक रूप से दो घंटे काम बंद हड़ताल की। हालांकि इसका असर सुबह की शिफ्ट में नजर आया। इसके चलते मरीज और उनके परिजन खासे परेशान हुए। वैसे जिला अस्पताल की ओपीडी सामान्य दिनों की तरह सुबह निर्धारित समय पर खुली। लोग पहुंचे और पंजीयन पर्ची बनवाने कतार में लगे, लेकिन पर्ची बनाने के बाद डाक्टरों को चेकअप नहीं करवा पाए। वहीं अधिक बीमार और तकलीफ वाले मरीज इमरजेंसी केंद्र में चिकित्सक को तलाश करते नजर आए, लेकिन वहां भी कोई नजर नहीं आया। जिला अस्पताल के मुख्य गेट सहित नैत्र ओपीडी, इमरजेंसी ओपीडी, मुख्य ओपीडी व अन्य स्थानों पर चिकित्सक महासंघ की हड़ताल के बैनर लगाए गए थे।

मंगलवार को भी होता रहा ओपीडी पंजीयन

चिकित्सकों की सांकेतिक हड़ताल के बावजूद जिला अस्पताल में ओपीडी पंजीयन जारी रहा। लोग पर्ची बनवाकर, तो कई लोग हड़ताल की सूचना पाकर बिना पंजीयन के भी लौट गए। इस दौरान सुबह से शाम तक 400 से अधिक मरीजों के पंजीयन हुए। हालांकि चिकित्सकों की हड़ताल सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक चली। इसके बाद कई चिकित्सक निर्धारित ओपीडी समय दो बजे तक बैठे, जिनको कई मरीजों ने अपनी स्वास्थ्य परेशानियां बताई। वहीं शाम की शिफ्ट 5 से 6 बजे तक काम सुचारू रहा।

लेबोरेटरी में छाया सन्नाटा

लैब सहित अन्य यूनिटों में पसरा सन्नाटा-जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से अधिक पंजीयन होते है। ऐसे में सुबह की शिफ्ट में मरीजों द्वारा ब्लड सैंपल की जांच सहित एक्सरे व अन्य जांच के लिए संबंधित लैब पहुंचते है। मंगलवार सुबह दो घंटे चिकित्सकों की हड़ताल के चलते दोपहर तक मुख्य रुप से लेबोरेटरी में सन्नाटा पसरा नजर आया।

Related Articles

Back to top button