ब्रेकिंग
JSSC CGL Paper Leak Update: प्रिंटिंग एजेंसी से जुड़ा था अभ्यर्थी राहुल, सीआईडी जांच में कई बड़े खुल... Ranchi Land Scam Update: फर्जी कागजात और अवैध बिक्री के मामले में एसीबी का शिकंजा, पूछताछ जारी Dhanbad Durga Puja 2026: जिला प्रशासन की सख्त तैयारी, पंडालों के लिए एनओसी और डीजे पर पूरी तरह प्रति... PM Modi 25 Glorious Years: मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर, देश भर के दिग्गजों ने दी शुभकामनाए... India Alliance Protest: बिना अनुमति प्रवेश और धरने को लेकर कांग्रेस नेताओं पर मामला दर्ज, इमरान मसूद... Delhi Traffic Advisory: पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में कई रास्तों पर प्रतिबंध, इन मार्गों... Ranchi Municipal Corporation: पेड़ों की छंटाई और पथ-बत्ती मरम्मत के लिए खरीदी गईं आधुनिक मशीनें, जयप... Ujjain Latest News: आरएसएस प्रचारक विनोद कुमार की अंतिम यात्रा में शामिल हुए सीएम मोहन यादव, नम आंखो... Acid Attack In Balod: कोर्ट पेशी के दौरान आरोपियों पर फूटा लोगों का गुस्सा, वकीलों ने पैरवी करने से ... Indore Cleanliness News: सफाई मित्रों के समर्थन में उतरी कांग्रेस, कचरे के बीच पोस्टर लगाकर नगर निगम...
मध्यप्रदेश

Indore Cleanliness News: सफाई मित्रों के समर्थन में उतरी कांग्रेस, कचरे के बीच पोस्टर लगाकर नगर निगम पर बोला हमला

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए शहर में जमा कचरे के बड़े-बड़े ढेरों के बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पोस्टर लगा दिए। इन पोस्टरों पर ‘महापौर एक काम करो, कचरे के ढेर में डूब मरो’ जैसे तीखे संदेश लिखे गए थे, साथ ही ‘सफाई मित्रों की मांगें पूरी करो, इंदौर को कचरा मुक्त करो’ की गूंज उठाई गई, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है।

📜 सफाई मित्रों की प्रमुख मांगें: नियमितीकरण, समान वेतन और ठेका प्रथा समाप्त करने की उठी मांग

आंदोलनकारी सफाई कर्मचारियों और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहर को देश में नंबर वन बनाने वाले सफाई मित्र खुद बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में लंबे समय से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण करना, समान काम के लिए समान वेतन देना, करीब 5 हजार नए स्थायी सफाई कर्मचारियों की भर्ती करना, और एनजीओ व ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना शामिल है। इसके अलावा मेडिकल आधार पर अनुकंपा नियुक्ति, दीपावली पर अतिरिक्त वेतन, और ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है।

⚖️ आंदोलन और प्रशासन का रुख: कचरे के उठान और सफाई व्यवस्था बहाल करने की उठाई गई आवाज

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जो सफाई कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर शहर को चमकाते हैं, उनकी जायज मांगों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। कचरे के बीच लगे इन पोस्टरों ने शहरवासियों और प्रशासन दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हालांकि, नगर निगम की ओर से पहले भी कर्मचारियों की कुछ सेवा संबंधी और प्रशासनिक मांगों पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समाधान न होने के कारण कर्मचारियों और विपक्षी दलों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

Related Articles

Back to top button