ब्रेकिंग
MP Dairy Shifting Project: रतौना-हफसिली डेयरी प्रोजेक्ट में निगम का कड़ा एक्शन, जमा राशि भी की गई रा... Dr. Harisingh Gour University: स्टैनफोर्ड और एल्सेवियर की सूची में सागर यूनिवर्सिटी के 12 प्रोफेसर श... Ramanujganj Van Vatika: तीन महीने में पूरी होगी रामानुजगंज वन वाटिका की तस्वीर, ओपेन जिम और चिल्ड्रे... Raipur Health News: नवरात्रि उपवास में गरबा के साथ कैसे रखें सेहत का ख्याल? जानिए एनर्जी बढ़ाने के आ... Bhilai News: सीएम के कार्यक्रम में बच्चों को घंटों बैठाए रखने पर विवाद, कांग्रेस ने की कार्रवाई की म... Raipur Crime News: आमानाका थाना क्षेत्र में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, AIIMS का सिक्योरिटी गार्... Bastar Local Products: दंतेवाड़ा के जैविक चावल और वनोपज को मिली नई पहचान, महिला FPO ने शुरू किया ब्र... Kavirdha News: कवर्धा में किसानों का बड़ा आंदोलन खत्म, गन्ने का भाव बढ़कर हुआ 425 रुपये, सरकार ने मा... Kanker News: कांकेर के सीएएफ कैंप में अनोखी पहल, जवान रूपधर चौहान अपने हाथों से बना रहे हैं मां दुर्... Jagdalpur News: बस्तर बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन का बड़ा कदम, 25 करोड़ से अधिक की राहत राशि सीधे ख...
धार्मिक

केदारनाथ धाम का महत्व

सनातन धर्म में बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शनों का सबसे ज्यादा महत्व है। केदारनाथ मंदिर की मान्यता यह भी है कि जो व्यक्ति केदारनाथ के दर्शन किये बिना बद्रीनाथ की यात्रा करता है। उसकी यात्रा निष्फल मानी जाती है। केदारनाथ मंदिर की मान्यता यह है कि केदारनाथ भगवान शिव के बारह ज्योतिलिंगो में से एक है। “केदारनाथ धाम में ज्योतिलिंगो के दर्शन की बड़ी मान्यता है। इस स्थान के बारे में यह माना जाता है कि ज्योतिलिंग के दर्शन से समस्त पापो से मुक्ति मिल जाती है।
केदारनाथ धाम के निर्माण के बारे में अनेक मान्यताएं हैं। राहुल सांकृत्यायन के अनुसार ये मंदिर 12-13 शताब्दी का है। इतिहासकार मानते है कि शैव लोग आदिगुरु शंकराचार्य से पहले केदारनाथ जाते रहे है। यह माना जाता है कि 1000 वर्ष से केदारनाथ मंदिर में तीर्थयात्रा जारी है। यह भी कहते है कि केदारेश्वर ज्योतिलिंग के प्राचीन मंदिर का निर्माण पांडवो ने कराया था। बाद में अभिमन्यु के पुत्र जन्मेजय ने इसका जीर्णोद्धार ( पुनःनिर्माण ) किया था लेकिन जो सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है वो है कि सतयुग में शासन करने वाले राजा केदार के नाम पर इस स्थान का नाम केदार पड़ा।
केदारनाथ धाम की मान्‍यताओं  के दर्पण में केदारनाथ: लिंग पुराण के मतानुसार जो मनुष्य संन्यास लेकर केदारकुण्ड में निवास करता है, वह शिव समान हो जाता है।
कर्मपुराण में कहा गया है कि  महालय तीर्थ में स्नान करने और केदारनाथ का तीर्थ करने से समस्त पापों का नाश हो जाता है।पह्म पुराण में कहा गया है कि जब कुंभ राशि पर सूर्य तथा गुरु ग्रह स्थित हो, तब केदारनाथ का दर्शन तथा स्पर्श मोक्ष प्रदान करता है। हमारे सनातन धर्म में एक विशेष महापुराण है स्कंद पुराण, इसमें भी केदारनाथ का महात्म्य बताया गया है। केदारनाथ मंदिर के बारे में शिवपुराण में कहा गया है कि केदारनाथ में जो तीर्थयात्री आते है। उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति होती है और अपने सभी पापो से मुक्त भी हो जाते है। केदारनाथ के जल को अत्यंत धार्मिक महत्व दिया जाता है

Related Articles

Back to top button