ब्रेकिंग
एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 की तारीखें घोषित: 17 फरवरी से 12वीं और 24 फरवरी से 10वीं के एग्ज... जबलपुर रेल मंडल का टिकट चेकिंग दस्ता फुल एक्शन मोड में, 4 महीने में वसूला 28 करोड़ का रिकॉर्ड जुर्मा... लखनऊ में सनसनीखेज वारदात: जानकीपुरम में पत्नी ने लोहे के तवे से वार कर ली पति की जान, 5 साल से चल रह... महाराष्ट्र की आश्रमशालाओं में 2 साल के भीतर 584 छात्रों की मौत, सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे... भारी विरोध के बाद झुकी बार काउंसिल ऑफ इंडिया: NALSAR छात्रों के एनरोलमेंट पर रोक का आदेश BCI ने लिया... अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 15 अगस्त से लागू होगा नया ड्रेस कोड, एकरूप वेशभूषा में दिखेंगे पु... राजस्थान कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला, UCC और 'ट्री राजस्थान प्रोटेक्शन एक्ट' को मिली हरी झंडी लखनऊ के रहीमाबाद में रिश्तों और इंसानियत का कत्ल, जमीन के लालच में मृत पिता के शव का सादे कागज पर लग... कुर्ला लैंडस्लाइड हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हुई, GSI की 8 साल पुरानी चेतावनी आई सामने अंबाला कैंट NH-44 पर भारी बवाल: प्रदर्शनकारियों के पथराव में DSP समेत 7 पुलिसकर्मी घायल, लाठीचार्ज औ...
व्यापार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज FSDC बैठक में अर्थव्यवस्था की स्थिति की करेंगी समीक्षा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक में शामिल होंगी। इस दौरान वह वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के बीच अर्थव्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करेंगी। सूत्रों ने बताया कि इस उच्चस्तरीय समिति की 27वीं बैठक में आरबीआइ गवर्नर शक्तिकांत दास समेत वित्तीय क्षेत्र के सभी नियामक हिस्सा लेंगे।वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 45 लाख करोड़ रुपये का बजट पारित होने के बाद एफएसडीसी की यह पहली बैठक होगी। इस बजट में 10,00,961 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ पूंजीगत व्यय पर अधिक जोर दिया गया है।

एफएसडीसी क्षेत्रीय नियामकों का शीर्ष निकाय है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करती हैं। बैठक में मौजूदा वैश्विक और घरेलू आर्थिक हालात और वित्तीय स्थिरता के मुद्दों की समीक्षा की जाएगी।इस दौरान अमेरिका में सिलिकान वैली बैंक और सिग्नेचर बैंक की विफलता और क्रेडिट सुइस के सामने नकदी संकट के मद्देनजर बैंकिंग और एनबीएफसी क्षेत्र पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिषद समावेशी आर्थिक वृद्धि हासिल करने के लिए इससे पहले किए गए उपायों की समीक्षा भी करेगी। आरबीआइ ने अपनी ताजा द्विमासिक नीतिगत समीक्षा में चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है।

 

Related Articles

Back to top button