ब्रेकिंग
Delhi News: शराब प्रेमियों के लिए खुशखबरी, ब्रिटेन से आने वाली इम्पोर्टेड शराब हुई सस्ती; आधी हुई कस... Nal-Jal Yojana Sheopur: बुनियादी सुविधाओं से वंचित ग्रामीण, कुएं से पानी लाने को मजबूर बुढ़ेरा गांव ... Madhya Pradesh Tourism News: उमरिया में जू विकसित करने की कवायद तेज, छातन कैंप में चिन्हित की गई जमी... MP Crime News: कटनी से सिंगरौली ट्रेन में शराब की तस्करी कर रहा युवक गिरफ्तार, 2 बड़े बैग से 89 बोतल... Sardar Khan Biopic: भोपाल के समाजसेवी के जीवन पर बनेगी फिल्म, 310 से अधिक दिव्यांग-अनाथ बच्चों की बद... Madhya Pradesh High Court: मुरैना में अवैध रूप से चल रही ब्लैक ऑइल इकाइयों पर घिरा प्रशासन, मांगा गय... Chhatarpur News: खजुराहो के आदिवर्त संग्रहालय में गूंज रहे बुंदेली और बघेली लोकगीत, मां काली के खप्प... CM Mohan Yadav Jabalpur Visit: बरेला के पास ढाबे पर रुके मुख्यमंत्री, फ्री कोचिंग देने वाले युवा को ... Bandhavgarh Tiger Reserve: उमरिया सामान्य वन मंडल में हाथी की एंट्री, वन विभाग की टीम लोकेशन ट्रेस क... कश्मीर में मौसम का अनोखा मिजाज: अक्टूबर में गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, श्रीनगर और काजीगुंड में चढ़...
मध्यप्रदेश

वनकर्मियों को पुलिस की भांति एक माह का अतिरिक्त वेतन देने पर विचार

भोपाल। मैदानी पदस्थापना वाले वन कर्मचारियों को पुलिस की भांति साल में एक माह का अतिरिक्त वेतन देने पर विचार किया जा रहा है। वनमंत्री विजय शाह की मौजूदगी में हुई बैठक में इस पर सहमति बनी है। वन मुख्यालय प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जो शासन को भेजा जाएगा। वन कर्मचारियों की हड़ताल पर जाने की चेतावनी के बाद हाल ही में यह बैठक हुई थी, जिसमें 12 मांगों पर सहमति बनी है।

प्रदेश में 20 हजार से अधिक वन कर्मचारी मैदानी पदस्थापना में हैं। जिन्हें दिन-रात जंगल या वन्यप्राणियों की निगरानी करती पड़ती है। ये कर्मचारी अपने काम को पुलिस के समान बताते हैं और कई सालों से साल में एक माह का वेतन अतिरिक्त देने की मांग कर रहे थे। हाल ही में वन कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी तो वन मंत्री ने बैठक बुलाई, जिसमें 12 मांगों पर विस्तार से बात के बाद सहमति बनी है। जिन्हें लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर मंथन शुरू हो गया है।

वन समितियों में तैनात सुरक्षा श्रमिकों के पारिश्रमिक में एक हजार रुपये बढ़ाने, श्रमिकों और स्थायीकर्मियों को ईपीएफ व्यवस्था से जोड़ने, उनके बच्चों के लिए पायलट आधार पर छात्रावास सुविधा शुरू करने, उनके आयुष्मान और संबल कार्ड बनाने, नक्सली घटनाओं में मृत्यु होने पर वनकर्मी को बलिदानी का दर्जा देने और वन क्षेत्रपालों को पुलिस निरीक्षक के समान वेतनमान स्वीकृत करने पर सहमति बनी है। ये प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है, जिस पर अंतिम निर्णय सरकार लेगी।

Related Articles

Back to top button