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कब है वट पूर्णिमा जानिए तिथि शुभ मुहूर्त और महत्व

पत्नी-पति के पवित्र रिश्ते का महापर्व वट पूर्णिमा है। हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ महीने में पूर्णिमा को वट पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी पूर्णिमा के दिन सावित्री बरगद के वृक्ष के नीचे सत्यवान के जीवन को वापस लाई थी। इस लिए विवाहित महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए वट पूर्णिमा का व्रत रखती है।

इस साल वटपूर्णिमा कब है?

वट पूर्णिमा देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग दिन और मुहूर्त में मनाई जाती है। कहीं ज्येष्ठ मास अमावस्या तो कहीं पूर्णिमा को मनाई जाती है। वट पूर्णिमा इस साल 3 जून को मनाई जाएगी।

वट पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त

वट पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजे से शुरू होगा और अगले दिन सुबह 9 बजे तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में महिलाएं बरगद के वृक्ष की पूजा कर सकती हैं।

वट पूर्णिमा का महत्व

वट पूर्णिमा का व्रत विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। साथ ही कुंवारी कन्याएं भी अच्छा वर पाने के लिए इस दिन व्रत रखती हैं। इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है। पति पर आने वाले संकट टल जाते हैं। वहीं, कई महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए भी बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/ सामग्री/ गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ धार्मिक मान्यताओं/ धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें।’

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