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रायपुर ही नहीं नक्सल प्रभावित बस्तर और सुकमा भी 5जी से लैस

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 5जी की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 3224 टावर 4जी से 5जी में अपग्रेड हो चुके हैं। प्रदेश में नेटवर्क विस्तार सिर्फ राजधानी में ही नहीं बल्कि बस्तर, सुकमा, कोंडागांव, दंतेवाड़ा आदि नक्सल और आदिवासी क्षेत्रों में भी 5जी की पैठ बन चुकी है। केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में दो वर्ष के भीतर 5जी नेटवर्क विस्तार तीन गुना बढ़ सकता है।

प्रदेश में दिसंबर-2022 से 5जी की लांचिंग हुई थी, जिसके बाद लगातार विस्तार जारी है। वर्तमान में सभी जिला मुख्यालय 5जी से कनेक्ट हो चुके हैं। दूरसंचार विभाग का लक्ष्य है कि जिलों के भीतरी हिस्सों में भी 5जी की सेवाएं पहुंचाई जाए। 5जी के लिए सिम बदलने की जरूरत नहीं है, बल्कि टेलीकाम कंपनियां साफ्टवेयर से ही अपग्रेडेशन कर रही है। दूरसंचार विभाग छत्तीसगढ़ के निदेशक नीरेश शर्मा ने बताया कि वर्तमान में 3200 से अधिक मोबाइल टावरों को 5जी में अपग्रेड किया जा चुका है। सभी जिला मुख्यालय सहित बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा में सेवाएं जारी है।

अक्टूबर-2023 तक हर गांव में नेटवर्क का लक्ष्य

दूरसंचार विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अक्टूबर-2023 तक प्रदेश के हर गांव में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में प्रदेश के 18500 गांवों तक नेटवर्क विस्तार किया जा चुका है। प्रदेश में 9886 आदिवासी गांव हैं, जिसमें वर्तमान में 55 प्रतिशत नेटवर्क विस्तार किया जा चुका है। वहीं लगभग 8000 गांवों में 4जी नेटवर्क पहुंच चुका है। वर्तमान में प्रदेश में कुल मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 2.41 करोड़ है।

कहां कितने 5जी टावर

बालोद-40, बलौदाबाजार-92, बलरामपुर-16, बस्तर-93,बेमेतरा-28,बीजापुर-20,बिलासपुर-366,दंतेवाड़ा-20,धमतरी-76,दुर्ग-507,गरियाबंद-32,मरवाही-22, जांजगीर-चांपा-104,जशपुर-38,कबीरधाम-40, कांकेर-52,कोंडागांव-22, कोरबा-217,कोरिया-85,महासमुंद-85,मुंगेली-35, नारायणपुर-12,रायगढ़-208,रायपुर-753,राजनांदगांव-107,सरगुजा-92,सुकमा-10,सूरजपुर-52

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