ब्रेकिंग
MPPL 2026: रजत पाटीदार की ग्वालियर चीताज को मिली करारी हार; उज्जैन फाल्कंस ने 92 रनों से जीता मुकाबल... Israel-Lebanon Ceasefire News: इजराइल-लेबनान सीजफायर पर सहमति, हिज्बुल्लाह को लितानी नदी से हटने के ... Gold and Silver Price Hike: सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल; जानें दिल्ली-मुंबई में क्या हैं आज के न... Purushottam Maas Guruvar: पुरुषोत्तम मास में गुरुवार का विशेष संयोग; भगवान विष्णु की कृपा पाने के अच... Dehydration Tips: गर्मी में कमजोरी और दस्त से बचने के लिए घर पर तैयार करें ORS, जानें सही तरीका Delhi Malviya Nagar Hotel Fire: मालवीय नगर होटल अग्निकांड में 21 की दर्दनाक मौत; मां की बहादुरी ने ब... Lalit Modi Interview: ललित मोदी ने 'भगोड़ा' होने के आरोपों को नकारा; कहा- "मुझे किसी को कुछ साबित कर... DK Shivakumar First Decisions: कर्नाटक के सीएम डी.के. शिवकुमार का बड़ा धमाका; बेंगलुरु की सड़कों के ल... Amarnath Yatra Helicopter Service Banned: अमरनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा पर रोक, केदारनाथ-बद्र... Delhi BnB Scheme Scrapped: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, 'बेड एंड ब्रेकफास्...
मध्यप्रदेश

गबन के मामले में जनजातीय कार्य विभाग का चपरासी भी गिरफ्तार

बुरहानपुर। जनजातीय कार्य विभाग में करीब तीन करोड़ रुपसे से ज्यादा के सरकारी धन के गबन मामले में रविवार को लालबाग पुलिस ने कार्यालय के चपरासी मनोज पाटिल को गिरफ्तार किया है।

पुलिस का आरोप है कि मनोज ने विभाग के लेखा शाखा प्रभारी नारायण पाटिल के साथ मिल कर वर्ष 2010 से 2017 के बीच सरकारी राशि का गबन किया था।

नारायण द्वारा मनोज के नाम चेक से राशि जारी की जाती थी। जिसे आहरित करा दोनों आपस में बांट लेते थे। पुलिस नारायण पाटिल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा के मुताबिक गबन की राशि बढ़ सकती है। इस मामले में पुलिस ने पंद्रह संदिग्धों की सूची तैयार की है। बताया गया है कि मनोज दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में विभाग में सेवाएं दे रहा था। वह शाहपुर थाना क्षेत्र के बड़झिरी गांव का रहने वाला है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले जिला अस्पताल में करीब अठारह करोड़ से ज्यादा के सरकारी धन के गबन का मामला उजागर हो चुका है।

यहां भी तत्कालीन आरएमओ प्रतीक नवलखे द्वारा विभिन्न कर्मचारियों व फर्जी फर्मों के नाम पर राशि आहरित की गई थी। अब जनजातीय कार्य विभाग में हुए गबन और घोटाले के मामले में एक-एक कर आरोपित सामने आ रहे हैं।

Related Articles

Back to top button