ब्रेकिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे को दी 21,800 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात, हिंजेवाड़ी से शि... बॉम्बे हाईकोर्ट का बीएमसी को कड़ा निर्देश, अभिनेत्री दीया मिर्जा का हटाया गया वीडियो दोबारा सोशल मीड... अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में सियासी घमासान, छह वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्र... जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा भूचाल, सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे से उमर अब्दुल्ला क... दक्षिण ब्लॉक होगा पूरी तरह खाली, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और डीजीएमओ का कार्यालय नए शौर्य भवन में... अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में सियासी हलचल तेज, कोर कमेटी की बैठक में पार्थ पवार के फैसलों पर ज... आगरा के कमला नगर में पीवीसी कारोबारी के घर बड़ी चोरी, तीन नकाबपोश बदमाश 70 लाख के जेवर ले उड़े गोवंश तस्करी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वाहन जब्ती को अवैध करार देकर सरकार पर लगाया ... बिहार में नदियों की गाद से बनेंगे नेशनल हाईवे, NHAI और राज्य सरकार के बीच हुआ बड़ा समझौता Health and Nutrition Tips Protein Products Market: बाजार में बिकने वाले प्रोटीन प्रोडक्ट्स खरीदने से...
मध्यप्रदेश

व्यापमं आरक्षक भर्ती घोटाले के आरोपित को सात वर्ष का कारावास

भोपाल: राजधानी भोपाल की विशेष अदालत सीबीआई ने मंगलवार को व्यापमं घोटाले में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के एक मामले की सुनवाई करते हुए आरोपित देवेंद्र रघुवंशी को सात वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

नर्मदापुरम का निवासी है दोषी

जानकारी के अनुसार यह निर्णय विशेष न्यायाधीश नीतिराज सिंह सिसोदिया ने सुनाया। पता चला है कि इस मामले में दोषी थाना स्टेशन रोड जिला नर्मदापुरम का रहने वाला है।

नरसिंहपुर में आरक्षक के पद पर था पदस्‍थ

उल्‍लेखनीय है कि उक्त मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनील श्रीवास्तव ने पैरवी की। बताया जाता है कि देवेंद्र रघुवंशी थाना पुलिस बल नरसिंहपुर में आरक्षक के पद पर पदस्थ था।

गंभीर आरोप सही साबित हुए

बताया जाता है कि उसके खिलाफ दस्तावेजों की कूटरचना करने व अपने जगह डमी अभ्यर्थी को बैठाने जैसे गंभीर आरोप सही साबित हुए हैं।

2013 में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित हुई थी

व्यापमं (अब कर्मचारी चयन मंडल) द्वारा अप्रैल 2013 में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी उक्त परीक्षा में देवेंद्र ने आवेदन किया था। जिसमें उसका पुलिस आरक्षक के रूप में चयन हुआ था। शिकायत होने पर एसटीएफ पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।

Related Articles

Back to top button