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हैदराबाद एनकाउंटर पर CJI ने उठाए सवाल, कहा- न्याय के नाम पर बदले की कार्रवाई ठीक नहीं

हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक से बलात्कार और हत्या के आरोपियों के एनकाउंटर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे (एस.ए. बोबडे) का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि न्याय को कभी भी बदले का रूप नहीं लेना चाहिए। बदले की भावना से किया गया न्याय अपना चरित्र खो देता है।

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: Chief Justice of India (CJI) Sharad Arvind Bobde: I don’t think justice can ever be or ought to be instant. And justice must never ever take the form of revenge. I believe justice loses its character of justice if it becomes a revenge.

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अरविंद बोबडे ने जोधपुर में एक कार्यक्रम में कहा कि मैं नहीं समझता हूं कि न्याय कभी भी जल्दबाजी में किया जाना चाहिए, मैं समझता हूं कि अगर न्याय बदले की भावना से किया जाए तो ये अपना मूल चरित्र खो देता है। उन्होंने कहा कि देश में हालिया घटनाओं ने नए जोश के साथ पुरानी बहस छेड़ दी है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि आपराधिक न्याय प्रणाली को अपनी स्थिति और लापरवाही के प्रति अपने दृष्टिकोण और रवैये पर पुनर्विचार करना चाहिए और अंतिम समय तक अपराध का निपटारा कानून के तहत ही करना चाहिए।

चीफ जस्टिस ने कहा कि इस बात पर विचार करना चाहिए कि किसी मामले को निपटना में कितना टाइम लग रहा है.लेकिन मुझे नहीं लगता कि न्याय कभी भी तुरंत हो सकता है या होना चाहिए। अगर न्याय बदले का रूप ले ले तो वो न्याय नहीं है।

बता दें कि हैदराबाद की एक पशु चिकित्सक युवती से सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस कांड के चार आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को एक मुठभेड़ में मार गिराया था।

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