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धार्मिक

शनि सहित 3 ग्रह हुए वक्री आने वाले 6 महीने इन राशियों के लिए रहेंगे कष्टदायक

ज्योतिष शास्त्र में शनि, राहु और केतु को महत्वपूर्ण माना जाता है। इन तीनों ग्रहों की चाल का असर 12 राशियों पर पड़ता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शनि 17 जून से कुंभ राशि में गोचर कर चुके है। अगले छह महीने तक वक्री अवस्था में रहेंगे। राहु और केतु सदैव वक्री दिशा में चलते हैं। इस तरह तीनों ग्रह अगले 6 माह तक कक्षा बने रहेंगे। आइए जानते हैं अगले 6 महीने किन राशियों को कष्ट झेलने पड़ेंगे।

जानिये शनि के वक्री होने संबंधी कुछ सवाल और जवाब

शनि के वक्री होने पर क्या होता है?

जब शनि वक्री होता है, तो हम विद्रोह करना चाहते हैं और सत्ता से सवाल करना चाहते हैं। हम स्थापना को देख सकते हैं क्योंकि यह खड़ा है और पूछता है, “चीजों को इस तरह क्यों होना चाहिए?” यदि हम निडर हो रहे हैं, तो शायद हम स्वयं को यह पूछते हुए पाएंगे, “मैं उन्हें कैसे बदलूँ?” 7 मार्च 2023 को शनि ने मीन राशि में प्रवेश किया।

आप वक्री शनि को कैसे ठीक करेंगे?

कुम्भ राशि में वक्री शनि के उपाय

नारायण कवचम: नारायण कवचम की परिवर्तनकारी शक्ति को रोजाना सुनकर ग्रहण करें। …

त्वस्त्र आदित्य की पूजा करें: हर सुबह सूर्य को श्रद्धा और कृतज्ञता अर्पित करते हुए कुंभ राशि से जुड़े भग आदित्य की ऊर्जा से जुड़ें।

क्या वक्री शनि शक्तिशाली है?

ज्योतिष में सबसे शक्तिशाली ग्रहों में से एक, शनि कर्म का शासक है और एक कार्यपालक ग्रह है। इसका अर्थ है कि आपके पिछले कार्यों का निर्णय ग्रह स्वामी द्वारा किया जाता है। अपनी सामान्य गति की तरह, वक्री शनि भी कर्म के बारे में है और इसके प्रभाव आपके अतीत में किए गए कार्यों के अनुसार होते हैं।

शनि वक्री से कौन प्रभावित होता है?

कन्या राशि के जातकों पर इस वक्री का विशेष प्रभाव पड़ेगा। आखिरकार, शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में है – आपकी विपरीत राशि – और यह गर्मियों के अंत और शरद ऋतु की शुरुआत में कन्या राशि का विरोध करेगी।

सिंह राशि

शनि, राहु और केतु के वक्री होने से आपके जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। मनचाहा परिणाम न मिलने से निराश हो सकते हैं। यह समय आपकी नौकरी में बदलाव भी ला सकता है। धन अटकने से आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कानूनी चुनौतियां भी चिंता का विषय हो सकती हैं।

कर्क राशि

शनि की वक्री चाल कर्क राशि के लिए नकारात्मक स्थिति पैदा कर सकती है। इस दौरान तनावग्रस्त और चिंतित महसूस कर सकते हैं। अप्रत्याशित खर्चे सामने आ सकते हैं।

वृश्चिक राशि

शनि और राहु की वक्री चाल वृश्चिक राशि वालों के लिए परेशानी ला सकती है। इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। इस दौरान नया व्यवसाय या प्रोजेक्ट शुरू करने से बचना चाहिए।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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