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मध्यप्रदेश

वन भूमि पर बसे होने के चलते पीएम आवास योजना का भी नहीं मिल पा रहा लाभ

मंडीदीप। एक ओर जहां राज्य सरकार चुनावी वर्ष में पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टा देने के साथ ही सरकारी जमीन पर काबिज लोगों को भी रहवास का पट्टा दे रही हैं। इससे औद्योगिक क्षेत्र स्थित राहुल नगर में रहने वाले करीब 5 हजार से अधिक परिवारों को भी अपने रहवास का पट्टा मिलने की उम्मीद बंध गई थी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पट्टा वितरण की शर्तों ने पानी फेर दिया है। 20 साल से आवासीय पट्टे मिलने की राह तक रहे रहवासियों का इंतजार एक बार फिर बढ़ गया है।

राहुल नगर जुग्गी बस्ती नगर के वार्ड 18, 19 एवं 20 के अंतर्गत आती है जो वन विभाग की भूमि पर बसी है। जिसे लेकर एमपीआईडीसी वन विभाग व नगरपालिका के बीच जमीन का विवाद चल रहा है। 3 एजेंसियों के बीच उलझी होने के कारण लोगों को पट्टे नहीं मिल पा रहे हैं। इतना ही नही भूमि विवाद के चलते इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।

इस शर्त ने अटकाया रोड़ा

चुनावी वर्ष में राहुल नगर वासियों को उम्मीदें बनी थी कि इस बार उन्हें आवास का पट्टा जरूर मिल जाएगा, लेकिन पट्टा वितरण की एक शर्त ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। यह शर्त है वन भूमि का होना सरकार ने यह शर्त रखी है कि वन भूमि पर काबिज लोगों को पट्टे नहीं दिए जा सकेंगे।

रहवासियों को वादे का पूरे होने का इंतजार:

यहां यह स्थिति तब देखने को मिल रही है। जब प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान यहां कई कार्यक्रमों में राहुल नगर वासियों को पट्टे देने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी रहवासियों को पट्टा नसीब नहीं हो सका। कई बार की घोषणा के बाद भी जमीन का पट्टा नहीं मिलने से रहवासियों में आक्रोश है। शहर में 40 ब्लॉक से नीचे हाईवे तक फैले राहुल नगर बस्ती में रहने वाले 5 हजार से अधिक परिवार वर्षों से शासन तथा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।

घोषणा पर अब तक भी पालन नहीं हो सका:

राहुल नगरवासी पिछले 17 सालों से आवास का पट्टा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सबसे पहले सांसद रहते 5 मार्च 2005 को राहुल नगर वासियों को आवास का पट्टा देने की घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री के रूप में 7 अप्रैल 2011 और 28 दिसंबर 2017 के साथ अन्य चुनावी सभाओं में भी इसकी घोषणा कर चुके हैं, लेकिन उनकी घोषणा पर अब तक भी पालन नहीं हो सका है।

इनका कहना है

राहुल नगर बस्ती वन विभाग की जमीन पर है एमपीआईडीसी और वन भूमि का जमीन विवाद खत्म हो गया है। इस मामले की फाइल राजस्व पीएस के पास विचाराधीन है। जल्द ही जमीन राजस्व विभाग को मिल जाएगी। इसके बाद आवासीय पट्टे दिए जा सकेंगे। प्रियंका अग्रवाल, नपाध्यक्ष मंडीदीप

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