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सावन के पहले मंगला गौरी व्रत पर करें ये उपाय विवाह संबंधी बाधाएं होंगी दूर

 शास्त्रों के अनुसार सावन के महीने में मंगलवार के दिन ”मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। इस दिन माता गौरी, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। इस व्रत को कुंआरी कन्याएं और सुहागन महिलाएं रखती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से सुहागिनों को अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मिलता है, जबकि कुंवारी कन्याओं की विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती है। इस साल सावन का पहला मंगला गौरी व्रत 4 जुलाई दिन मंगलवार को पड़ रहा है। इसी दिन से सावन माह का भी शुभारंभ हो रहा है। इंदौर के पंडित प्रफुल्ल शर्मा से जानते हैं इस व्रत की तिथि महिमा और ऐसे उपाय, जिसके साधकों की समस्याओं का शीघ्र निपटारा हो जाए।

मंगला गौरी व्रत तिथि

सावन के पहले मंगला गौरी व्रत के दिन सावन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। 4 जुलाई को मंगला गौरी व्रत की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 08:57 बजे से लेकर दोपहर 02:10 बजे तक है। उस दिन प्रात:काल से सुबह 11:50 बजे तक इंद्र योग है। साथ ही इस दिन दोपहर 01:38 बजे से अगली सुबह 05:28 बजे तक त्रिपुष्कर योग है। इस योग में पूजा पाठ का तीन गुना फल प्राप्त होता है। नक्षत्रों की बात करें तो सुबह 08:25 बजे तक पूर्वाषाढा नक्षत्र है और उसके बाद उत्तराषाढा नक्षत्र का समय है।

मंगला गौरी के उपाय

1. सौभाग्य प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत करें और भगवान शंकर, मां मंगला गौरी और हनुमान जी का चित्र स्थापित कर षोडशोपचार पूजन करें। साथ ही गेहूं के आटे से बनाया हुआ सोलह रुई की बत्तियों वाला एक घी का दीपक प्रज्वलित रखें।

2. यदि मंगल दोष के कारण विवाह में देरी हो रही हो, मंगला गौरी व्रत और विधि-विधान से पूजन करें। साथ ही मंत्र ‘ॐ गौरीशंकराय नमः’ का 108 बार जाप करें। पूजा के बाद मां गौरी के चरण सिंदूर से माथे पर तिलक लगाएं। इससे मंगल दोष दूर होगा.

3. सुहागन महिलाएं माता गौरी को 16 श्रृंगार की सामग्री जैसे सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, मेहदी, महावर, लाल चुनरी आदि चढ़ाएं। उसके बाद माता गौरी से अखंड सौभाग्य की प्रार्थना करें। इससे आपके पति की आयु लंबी होगी और सौभाग्य बना रहेगा।

4. सावन के मंगलवार को एक लाल कपड़े में 2 मुट्ठी मसूर की दाल बांध दें। फिर उसे किसी भिखारी या जरूरतमंद को दान कर दें। ऐसा करने से कुंडली का मंगल दोष दूर होता है।

5. इस दिन शिव-मंगलागौरी की कथा सुनें तथा शिव, मंगलागौरी और हनुमान जी को गुड़ का भोग लगाएं। भोग लगे हुए गुड़ को किसी सफेद गाय को खिलाएं। इस उपाय से निश्चित विवाह बाधा से मुक्ति मिलेगी और दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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