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बारिश में ग्वालियर के ये पिकनिक स्पाट देंगे सुकून

ग्वालियर। बारिश का मौसम शुरू हो चुका है। पिकनिक मनाने का सबसे सुहावना मौसम यही होता है। बारिश की बूंदों के बीच फुर्सत के पल बिताने के लिए लोग कुछ अच्छे पिकनिक स्पाट पर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं। शहर के आसपास ऐसे चार बड़े पिकनिक स्पाट हैं, जहां वीकेंड पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। सुबह यहां जाकर पूरे दिन पिकनिक एंजाय की जा सकती है और शाम को यहां से घर वापस आया जा सकता है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह पिकनिक स्पाट बारिश में सुकून देने वाले हैं, लेकिन यहां हादसे भी अधिक होते हैं, इसलिए यहां आपको कुछ सावधानियां भी रखनी होंगी।

भदावना

– ग्वालियर से करीब 25 किलोमीटर दूर। उटीला गांव के पास भदावना स्थित है। जहां पहाड़ों से झरना गिरता है और यहां भदावना कुंड भी है। बारिश शुरू होते ही यहां का दृश्य बहुत ही खूबसूरत हो जाता है। पहाड़ पर शिव मंदिर है, जहां दर्शन करते हैं। यहां लोग वीकेंड पर पिकनिक मनाने पहुंचते हैं, यहीं खाना बनाते हैं।

यह रखें सावधानी:

– यहां जिस चट्टान से झरना नीचे गिरता है, वह पानी की वजह से फिसलन भरी है। इस चट्टान पर जाना वर्जित है। इसके बाद भी यहां लोग चढ़कर अपनी जान आफत में डालते हैं। यहां कई हादसे हो चुके हैं।

– कुंड के आसपास रेलिंग की जरूरत है, क्योंकि कुंड ज्यादा गहरा तो नहीं है, लेकिन जो तैरना नहीं जानता वह यहां हादसे का शिकार हो जाता है।

– यहां अंधेरा होने से पहले ही वापस आना सुरक्षित है, क्योंकि शाम को आसपास अंधेरा रहता है, क्योंकि यह झरना जंगल के बीच है। यहां आपराधिक घटनाओं की भी आशंका रहती है।

सुल्तानगढ़ फाल

– ग्वालियर से इसकी दूरी करीब 66 किलोमीटर है। यह शिवपुरी जिले में आता है, लेकिन यहां घूमने के लिए लोग ग्वालियर, शिवपुरी सहित आसपास के अन्य जिलों से भी आते हैं। यह अंचल के बड़े वाटरफाल में से एक है। जहां बारिश के समय नजारा देखने लायक रहता है। इस फाल की चौड़ाई सबसे ज्यादा है।

यह रखें सावधानी:

– यहां सबसे बड़ा खतरा है, यहां की चट्टानें, जिन पर अचानक जलस्तर बढ़ता है और जिसे लोग चट्टान समझकर उन पर पहुंच जाते हैं वह फाल का ही हिस्सा हैं। पानी इतनी तेजी से बढ़ता है सामान्य दिखने वाला बहाव एकदम से तेज हो जाता है। इसके चलते 15 अगस्त 2018 को यहां हादसा हुआ था। जिसमें 12 लोगों की मौत हुई थी, यहां 39 लोग फंसे रहे थे।

– चट्टानों पर खड़े होकर लोग सेल्फी लेते हैं, जलस्तर बढ़ने के बाद लोग सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंच पाते।

– शाम के बाद यह स्थान भी खतरनाक है, क्योंकि आसपास पर्याप्त उजाला नहीं है। पूरा रास्ता कच्चा है, जहां बारिश में पानी भर जाता है। छोटी कार तो यहां बारिश के समय जा ही नहीं सकती।

तिघरा बांध

– ग्वालियर से करीब 19 किलोमीटर दूर स्थित है तिघरा बांध। यहां बोट क्लब है, रेस्टोरेंट है। बारिश में हर दिन यहां भीड़ रहती है। वीकेंड पर सबसे ज्यादा भीड़ रहती है, लेकिन यहां हादसे भी होते हैं।

यह रखें सावधानी:

– यहां पानी में डूबने से हर साल कई मौत होती हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग नलकेश्वर पहाड़ी की तरफ से और बांध के प्रतिबंधित क्षेत्र की तरफ से नहाने के लिए पहुंचते हैं। यहां गहराई अधिक होने से पानी में डूब जाते हैं। इसलिए प्रतिबंधित क्षेत्र में पानी में न उतरें।

– अगर तैरना नहीं जानते तो पानी में न उतरें, क्योंकि बारिश में जलस्तर बढ़ जाता है।

– यहां वाहन चोरी, सामान चोरी होने की घटनाएं अधिक होती हैं, इसलिए सावधान रहें।

धूमेश्वर

– ग्वालियर से करीब 50 किलोमीटर दूर भितरवार इलाके में स्थित है। प्राकृतिक खूबसूरती से घिरा हुआ महादेव मंदिर, जिसे धूमेश्वर के नाम से जाना जाता है। यह सिंध नदी के किनारे है। यहां सिर्फ दिन में ही लोग जाते हैं। यहां हर साल हादसे होते हैं।

यह रखें सावधानी:

– यहां बारिश में नदी का जलस्तर अधिक होता है और बहाव भी बहुत तेज होता है। अगर तैरना नहीं आता तो पानी में कतई न उतरें।

– यहां फिसलन भरी चट्टानें हैं, जो बारिश में अधिक खतरनाक हो जाती हैं।

– यहां जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ता है, इस वजह से यहां पहुंचने का रास्ता भी जलमग्न हो जाता है। दो साल पहले यहां बाढ़ आई थी।

सुरक्षा:

– यह चारों पिकनिक स्पाट शहर से 20 से 60 किलोमीटर तक की दूरी पर हैं। जंगल के बीच बने हुए हैं, इसलिए यहां सुरक्षा के लिए पुलिस तो तैनात रहती है, लेकिन अंधेरा होने के बाद यह स्थान खतरनाक हो सकते हैं। यहां नशाखोरी करने वाले भी लोगों के लिए परेशानी बनते हैं, रात में आपराधिक घटनाएं भी होती हैं।

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