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गांधी चौक जाम कर राजीव भवन पहुंचे अतिथि शिक्षक

अंबिकापुर। विद्या मितान राज्य अतिथि शिक्षक कल्याण संघ के बैनर तले सरगुजा संभाग के अतिथि शिक्षकों (विद्या मितान) ने नियमितीकरण की मांग को लेकर रविवार को अंबिकापुर में धरना- प्रदर्शन किया। गांधी चौक पर सांकेतिक सड़क जाम करने के बाद शहर में रैली निकाल अतिथि शिक्षक सीधे जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में प्रवेश कर गए। यहां कांग्रेसी नेताओं ने उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव से मोबाइल के माध्यम से अतिथि शिक्षकों की बात कराई। अतिथि शिक्षकों ने अपनी भावनाओं से उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव को अवगत कराया। सिंहदेव ने अतिथि शिक्षकों से आह्वान किया कि वे निराश न हो। अगली कैबिनेट की बैठक में अतिथि शिक्षकों का मामला रखा जाएगा। अतिथि शिक्षकों की मांगों को लेकर सरकार कुछ न कुछ निर्णय लेगी। उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव से मिले आश्वासन के बाद अतिथि शिक्षकों ने उनके समर्थन में नारेबाजी भी की और राजीव भवन से वापस लौट गए।

छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगभग 22 सौ अतिथि शिक्षक सेवारत हैं। कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था लेकिन अभी तक अतिथि शिक्षकों के हित में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। रविवार को अतिथि शिक्षकों ने जनघोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष टी एस सिंह देव के निवास का घेराव करने का निर्णय लिया था।

इसी के तहत सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों से अतिथि शिक्षक अंबिकापुर पहुंचे थे। सिंह देव के शहर से बाहर होने के कारण उनका निवास घेरने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। गांधी चौक पर मांगों के समर्थन में धरना देने के बाद सभी अतिथि शिक्षकों ने कुछ देर के लिए गांधी चौक पर सड़क जाम कर दिया।अतिथि शिक्षकों के सड़क पर उतर जाने से गांधी चौक पर आवागमन पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। यहां से अतिथि शिक्षक रैली निकाल घड़ी चौक, संगम चौक होते हुए सीधे राजीव भवन में प्रवेश कर गए। राजीव भवन में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव चंदन यादव की उपस्थिति में बैठक की तैयारी चल रही थी बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षकों के राजीव भवन पहुंच जाने पर विधायक डॉ प्रीतम राम, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने अतिथि शिक्षकों से चर्चा की। अतिथि शिक्षकों की मांग थी कि उनकी बात टीएस सिंहदेव से कराई जाए। अतिथि शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मोबाइल पर उनकी बातचीत उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव से कराई गई। अतिथि शिक्षकों ने कहा कि जन घोषणा पत्र में अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया गया था लेकिन अभी तक उनके हित में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

अतिथि शिक्षकों ने कहा कि अब आप उपमुख्यमंत्री भी बन गए हैं इसलिए अतिथि शिक्षकों की मांगों को पूरा किया जाए। उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने अतिथि शिक्षकों से निराश न होने की अपील करते हुए कहां की कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार गंभीर है आगामी कैबिनेट की बैठक में अतिथि शिक्षकों की मांगों को लेकर भी चर्चा की जाएगी कुछ ना कुछ निर्णय जरूर होगा। तत्पश्चात अतिथि शिक्षकों ने मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। उप मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद अतिथि शिक्षक वहां से वापस लौट गए। इस दौरान कई अतिथि शिक्षकों ने सिंहदेव से मिले सकारात्मक आश्वासन पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए जमकर नारेबाजी भी की।

शासन के आदेश के विपरीत पदस्थ कर रहे शिक्षकों को

अतिथि शिक्षकों ने बताया कि संचनालय लोक शिक्षण से बीते 16 मार्च 2023 को एक आदेश जारी किया गया है जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि जिन स्कूलों में अतिथि शिक्षक सेवा दे रहे हैं वहां उनके विरुद्ध किसी स्थाई शिक्षक की पदस्थापना न की जाए लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारी मनमानी कर रहे हैं । अतिथि शिक्षकों के स्थान पर नियमित शिक्षकों की पदस्थापना कर देने से अतिथि शिक्षकों के समक्ष समस्या खड़ी हो जा रही है।उन्हें फिर ऐसा दूसरा स्कूल तलाश करना पड़ता है जहां शिक्षकों के पद खाली हैं। अतिथि शिक्षकों ने स्थानीय स्तर पर अधिकारियों द्वारा की जा रही मनमानी पर भी सख्ती से रोक लगाने की मांग की।

बोनस अंक नहीं नियमित करें अतिथि शिक्षकों को

वर्तमान में चल रही शिक्षक भर्ती में अतिथि शिक्षकों को बोनस के रूप में दो अतिरिक्त अंक दिए जा रहे हैं। अतिथि शिक्षकों ने बोनस अंक का विरोध किया है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि जन घोषणा पत्र में उन्हें नियमित करने का आश्वासन दिया गया था। अब बोनस अंक देकर वादाखिलाफी की कोशिश की जा रही है। इसलिए उन्हें बोनस अंक नहीं चाहिए बल्कि उनकी सेवाएं नियमित की जानी चाहिए।

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