ब्रेकिंग
इंटरनेशनल क्रिमिनल बनाम पैरोल: सरकार ने अबू सलेम की 14 दिन की अर्जी का किया विरोध, सिर्फ 2 दिन की दी... Zepto स्टोर बना 'टॉर्चर रूम': डिलीवरी बॉय को दी गई घिनौनी सजा, बदसलूकी की तस्वीरें देख खौल उठेगा खून केक कटा और शुरू हुआ 'कट्टा': गोरखपुर में पवन सिंह के बर्थडे पर भारी हंगामा, पुलिस एक्शन से मची भगदड़ अयोध्या की राह पर राहुल गांधी: कांग्रेस सांसद का बड़ा दावा— राम लला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे 'जनन... बिजनौर में 'अनोखा भक्त': 48 घंटे से लगातार हनुमान मंदिर की परिक्रमा कर रहा कुत्ता, लोग मान रहे चमत्क... विराट का 'जूनियर' और रोहित का साथ: मैदान के बाहर कोहली का सबसे प्यारा संदेश, वीडियो सोशल मीडिया पर व... आमिर-सुनील की जुगलबंदी का जादू: कैसे शूट हुआ वो वीडियो जिसने रातों-रात तोड़ दिए सारे रिकॉर्ड? देखें ... शिमला-धर्मशाला फेल, दिल्ली 'कोल्ड' में अव्वल: पहाड़ों से ज्यादा ठंडी हुई राजधानी, @2.9°C पर थमी जिंद... OpenAI का मेगा धमाका: 900 करोड़ में खरीदा हेल्थ-टेक स्टार्टअप 'Torch', अब AI से होगा बीमारियों का इल... क्विक कॉमर्स पर सरकार का हंटर: 10 मिनट में सामान पहुंचाने का वादा अब पड़ेगा भारी, जारी हुए नए निर्दे...
मध्यप्रदेश

स्वसहायता समूहों को भुगतान की होगी निगरानी पैसा अटका तो कलेक्टर को पहुंचेगा एसएमएस

भोपाल। मध्य प्रदेश की आंगनबाड़ियों में तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए पोषण आहार (नाश्ता एवं गर्म पका भोजन) बनाने के एवज में महिला स्वसहायता समूहों के भुगतान की अब नियमित निगरानी की जाएगी। यदि माह की 15 तारीख तक भुगतान नहीं होता है तो जिला कलेक्टर, संभागीय आयुक्त एवं आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग को एक एसएमएस भी प्राप्त होगा, जिससे यह ज्ञात होगा कि जिले में भुगतान नहीं हुआ है। जिन जिलों में समय पर भुगतान हो जाएगा, वहां एसएमएस नहीं पहुंचेंगे। समूहों के भुगतान के लिए जारी आवंटन के विरुद्ध व्यय की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि स्वसहायता समूहों को दो से तीन माह तक का भुगतान नहीं हुआ है। संचालक महिला एवं बाल विकास डा. रामराव भोंसले ने समस्त जिलों के कलेक्टरों को इससे संबंधित जो पत्र जारी किया है, उसमें कहा गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में नाश्ता एवं गर्म पका भोजन के देयकों का समय पर भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। पोषण आहार बनाने के एवज में समूहों को प्रतिमाह तीन हजार से पांच हजार रुपये तक भुगतान किया जाता है। समूहों का भुगतान लंबित रहने से आगामी माह की प्रदायगी में कठिनाई के साथ-साथ उन्हें लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी जीविका उर्पाजन का साधन भी प्रभावित हो रहा है। भुगतान की निगरानी के लिए विभाग द्वारा एमआइएस तैयार किया गया है। एमआइएस में परियोजना अधिकारी द्वारा निर्धारित समय-सीमा में देयकों की प्रविष्टि की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा भी निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए प्रत्येक माह की 15 तारीख को गत माह के देयकों का भुगतान सुनिश्चित करा कर एमआइएस में प्रविष्ट कराएगा।

Related Articles

Back to top button