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नागरिकता संशोधन बिल पर पलटी शिवसेना, उद्धव ठाकरे ने राज्यसभा में समर्थन के लिए रखी शर्त

मुंबईः महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन विधेयक पर दिए अपने बयान से मोदी सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार को शिवसेना राज्यसभा में बिल का समर्थन करेगी के सवाल पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार हमारे द्वारा पूछे गए सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं देती तब तक हम विधेयक का समर्थन नहीं करेंगे। ठाकरे ने कहा कि अभी तक शिवसेना को नागरिकता संशोधन विधेयक पर सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। जब मिलेंगे तक सोचेंगे। साथ ही उद्धव ने कहा कि हमें उस धारणा को बदलना होगा कि कैब और भाजपा का समर्थन करने वाले देशभक्त हैं और जो विरोध कर रहे हैं, उन सभी को देशद्रोही मानना भ्रम है।महाराष्ट्र के सीएम ने कहा कि यह भम्र है कि सिर्फ भाजपा को देश की चिंता है। ठाकरे ने कहा कि शरणार्थी कहां और किस प्रदेश में रखे जाएंगे, ये सारी बातें स्पष्ट होनी चाहिएं। साथ ही शिवसेना ने कहा था कि शरणार्थियों को 25 साल तक वोट करने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। सोमवार को शिवसेना ने बिल पर लोकसभा को समर्थन दिया था। ऐसा माना जा रहा था कि राज्यसभा में भी शिवसेना भाजपा का साथ देगी लेकिन अब शिवसेना प्रमुख का बयान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मुश्किले बढ़ा सकती है।

बता दें कि लोकसभा में बिल के पास होने के बाद बुधवार को इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 311 वोट पड़े, जबकि 80 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों को इस बिल में नागरिकता देने का प्रस्ताव है। इस बिल में इन तीनों देशों से आने वाले हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता का प्रस्ताव है।

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