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मध्यप्रदेश

200 साल पहले मंदसौर में बड़ के पेड़ की जड़ से निकला था शिवलिंग

मंदसौर शहर में नेहरू बस स्टैंड से सटे बंडीजी के बाग क्षेत्र में प्राचीन श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर की भी अपनी अलग ही महिमा हैं। कहा जाता है कि लगभग 200 साल पहले बड़ के पेड़ की जड़ से निकले शिवलिंग की यहां स्थापना की गई थी। नीलकंठ स्वरूप में शिवलिंग होने से इनका अलग ही महत्व है। पहले यह छोटा मंदिर था। समय के साथ मंदिर का स्वरूप भी बड़ा हो गया हैं। परिसर में श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, गणेशजी भी विराजित हैं। महाशिवरात्रि के साथ ही सावन में भक्तों का तांता लगा रहता हैं। सुबह से शाम तक भक्त मंदिर पर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

यह है मंदिर का इतिहास

श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर लगभग 200 साल पुराना है। मंदिर गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग पहले मंदिर परिसर में ही स्थित बरगद के पेड़ की जड़ से निकला था। इसके बाद शिवलिंग को मंदिर परिसर में स्थापित किया गया। इनके साथ ही शिव परिवार की स्थापना भी की गई।

शिवलिंग का रंग नीला है और भक्त मंदिर को नीलकंठ महादेव मंदिर भी कहते हैं। यहां विराजित मंशापूर्ण बालाजी की मूर्ति के चलते भोलेनाथ का नाम भी मंशापूर्ण हो गया। प्रारंभ में मंदिर बना था, तब काफी छोटा था, जैसे-जैसे भक्त मंदिर से जुड़ते गए मंदिर का निर्माण भी होता रहा। सावन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त आ रहे हैं।

जानिये मंदिर की विशेषता

श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर के गर्भगृह में बालाजी, श्री राम-सीता, लक्ष्मीण, गणेशजी, देवी पार्वती व कार्तिकेय विराजित हैं। एक ही गर्भगृह में एक साथ बालाजी, महादेवजी की मूर्ति वाला संभवत: मंदसौर का एकमात्र मंदिर है। यहां सावन माह एवं महाशिवरात्रि पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

सावन माह में प्रतिदिन अभिषेक हो रहे है। सावन माह में सोमवार को विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह रुद्र पाठ एवं श्री शिव महिम्न स्त्रोत पाठ भक्तों द्वारा किया जाता है। मंदिर पर महाशिवरात्रि पर्व पर दर्शन के लिए हजारों भक्त पहुंचते हैं। मंशापूर्ण महादेव के दर्शन के लिए मंदसौर के साथ ही अन्य क्षेत्रों से भी भक्त आते हैं।

-श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर पर सावन में उत्साह का माहौल है। प्रतिदिन अभिषेक एवं दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त आ रहे हैं। महादेव अपने भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं। सावन माह में मंदिर पर आकर्षक साज-सज्जा भी की गई है।

–वंश शर्मा, पुजारी, श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर।

-श्री मंशापूर्ण महादेव के दर्शन करने सप्ताह में दो से तीन बार आ रहा हूं। महादेव के दर्शन करने के बाद मन को बहुत शांति मिलती है। सभी भक्तों की मनोकामना महादेव पूरी करते है। मंदिर पर भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

– मनीष पुरोहित, भक्त

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