ब्रेकिंग
BSF Attari Border News: अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी का नया शेड्यूल जारी; शाम 5:30 बजे शुरू होगी पर... Batala Viral Video: गुरु नानक देव जी के विवाह पर्व में ट्रैक्टर स्टंट पड़ा भारी; तेज रफ्तार में पलटा... Dubai Visa Fraud: 90 हजार में दुबई भेजा, छीना पासपोर्ट और मुर्गीखाने में रखा! जालंधर के पीड़ित ने सु... Amritsar Flooding Alert: तरनतारन रोड के पास नहर टूटने से मचा हड़कंप; मिट्टी की बोरियों से दरार भरने ... Punjab Gold Silver Price Today: पंजाब में उछले सोना-चांदी के दाम; जालंधर में 24 कैरेट सोना ₹1.58 लाख... Ferozepur Central Jail: केंद्रीय जेल फिरोजपुर में फिर चला तलाशी अभियान; 10 और मोबाइल फोन बरामद, कैदि... Etah Fake University Scam: एटा में चायवाले के नाम पर चल रही थी फर्जी यूनिवर्सिटी; भेद खुला तो प्रिंस... Bihar Flood Relief: सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दी एक महीने की सैलरी; नितिन नब... Durg News Today: फेसबुक पोस्ट पर बवाल; भिलाई-3 थाने पहुंचे कांग्रेसी, भाजयुमो नेता पर FIR और गिरफ्ता... Agra Mahakumbh Ambikapur: सीएम विष्णु देव साय ने किया 'अग्र महाकुंभ 2026' का शुभारंभ; अग्रवाल समाज क...
मध्यप्रदेश

50 ग्राहकों के चार करोड़ रुपये हड़प लिए दो बैंक अधिकारियों को 10-10 वर्ष का कारावास

 भोपाल। सेंट्रल मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक की बैरसिया शाखा में 50 ग्राहकों के करीब चार करोड़ रुपये हड़पने वाले दो बैंक अधिकारी मनोज बाथम और प्रदीप बोरकर को 10-10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई है।

इनमें से दोषी मनोज बाथम को 80 हजार रुपये व प्रदीप बोरकर को 20 हजार रुपये अर्थ दंड से भी दंडित किया है। यह निर्णय पंचम अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार भारद्वाज की कोर्ट ने बुधवार को सुनाया है। इन दोषियों ने वर्ष 2013 में ग्राहकों के रुपये हड़पे थे।

इस मामले की शिकायत संबंधित ग्राहकों ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से की थी। जांच में पाया था कि इन्होंने गड़बड़ी की है जिसके बाद बैंक की ओर से दोनों के खिलाफ बैरसिया थाने में अपराध दर्ज कराया गया था।

यह है मामला

  • मनोज बाथम बैंक शाखा में कैशियर था। कोर्ट ने पाया कि उसने 40 ग्राहकों के रुपये तो लिए, लेकिन बैंक के खजाने में जमा करने की बजाय स्वयं उपयोग कर लिया। कोर्ट ने प्रति खाते के हिसाब से दो हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है। यह राशि 40 ग्राहकों के हिसाब से 80 हजार रुपये होती है।
  • प्रदीप बोरकर वर्ग एक श्रेणी का अधिकारी था। साथ ही वह काउंटर पर नगदी लेन-देन का काम भी करता था। कोर्ट ने पाया कि इसने 10 ग्राहकों द्वारा जो राशि बैंक को अपने खाते में जमा करने के लिए दी थी, वह राशि जमा न करते हुए स्वयं उपयोग कर ली। कोर्ट ने प्रति खाता के अनुरूप दोषी को दो हजार रुपये प्रति खाता अर्थ दंड से दंडित किया है। यह राशि 20 हजार रुपये होती है।

Related Articles

Back to top button