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भारत से व्यापार घटने पर टेंशन में चीन अब कर रहा संबंध सुधारने की गुजारिश

जकार्ता। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का सीधा असर दोनों देशों के आपसी व्यापार पर पड़ा है। चीन के लिए यह अच्छी स्थिति नहीं है और यही कारण है कि पड़ोसी देश गहरी चिंता में आ गया है। ताजा खबर यह है कि इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आसियान बैठकों के दौरान चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी ने भारत के साथ संबंध सुधारने पर जोर दिया है।

भारत की ओर से इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हिस्सा लिया है। जयशंकर के साथ वार्ता में वांग यी ने कहा है कि दोनों देशों के बीच संदेह के बजाय, आपसी समर्थन की जरूरत है।

बैठक के बाद जयशंकर ने ट्वीट कर जानकारी दी कि दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है।

गलवान झड़प के बाद बढ़ा तनाव

चीन सीमा पर खुराफात करता रहता है। साल 2020 में उसके सैनिक गलवान में भारतीय सीमा में घुस आए थे। भारतीय सैनिकों ने उन्हें खदेड़ कर भगा दिया था। झड़प में दोनों देशों के सैनिक शहीद हुए थे। इसके बाद से संबंधों में तनाव है। भारत ने चीन के साथ अपना व्यापार भी कम कर लिया है। यही बात अब पड़ोसी को खल रही है।

बता दें, 1990 के दशक में दोनों देशों के बीच कई सीमा समझौते हुए थे। इसका असर आपसी व्यापार पर भी पड़ा था। तब से ही चीन, भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। भारत का रुख इस मामले में बहुत साफ है। जब तक सीमा पर शांति नहीं रहेगी, तब तक व्यापार नहीं बढ़ सकता है।

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