ब्रेकिंग
गोलाबारी और घुसपैठ का दौर खत्म, अब पर्यटन की नई पहचान बन रहे जम्मू-कश्मीर के LoC से सटे सीमावर्ती गा... Kinner Kailash Yatra 2026 Registration Date: किन्नर कैलाश यात्रा 30 जुलाई से शुरू! ऑनलाइन रजिस्ट्रेश... हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं के 'पेपर लीक' पर छिड़ा सियासी संग्राम, AAP नेता अनुराग ढांडा ने बीजेपी क... भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में फिर गरमाई सियासत, परिजनों ने प्रशांत किशोर पर लगाए गंभीर आरो... NEET पेपर लीक मामले में बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहली सुनवाई टली, सीबीआई वकील के न पहुंचने पर मिली 3... जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान PM मोदी के खिलाफ बने आपत्तिजनक वीडियो पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, सोश... जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के बाद देश की सियासत में बड़ा बदलाव, Gen Z को साधने में जुटे PM मोदी और ... इस्तीफे के बाद संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, मकर द्वार पर NDA सांसदों ने लगाए 'प्रधान जिंदाबाद' के न... PoK में भारी तनाव और हिंसा के बीच 27 जुलाई से विधानसभा चुनाव शुरू, 3 चरणों में होगी वोटिंग बिहार बंद के दौरान सिवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला SIT जवान सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू
देश

INDIA के सदस्यों की अपील की दरकिनार…शरद पवार ने PM मोदी के साथ शेयर किया मंच, मिलाया हाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस दौरान एनसीपी चीफ शरद पवार भी मंच पर मौजूद रहे। पीएम मोदी ने शरद पवार से मुलाकात की और दोनों ने कुछ देर बात भी की। पीएम मोदी को उनके ‘‘सर्वोच्च नेतृत्व” और ‘‘नागरिकों में देशभक्ति की भावना जगाने” के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पवार ने पीएम मोदी के साथ मंच साझा न करने के विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया था।

INDIA के सदस्यों का मानना है कि ऐसे वक्त में जब भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर एक मोर्चा बनाया जा रहा है तो पवार का इस कार्यक्रम में शामिल होना विपक्ष के लिए अच्छा नहीं होगा। पवार ने उन सांसदों से मुलाकात नहीं की थी जो उन्हें इस समारोह में शामिल न होने के लिए मनाना चाहते थे। लोकमान्य तिलक की विरासत का सम्मान करने के लिए 1983 में तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट द्वारा इस पुरस्कार की शुरुआत की गई थी। यह पुरस्कार हर साल एक अगस्त को लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि पर दिया जाता है।

कुछ सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों ने मोदी के दौरे के खिलाफ प्रदर्शन किया। सामाजिक कार्यकर्ता बाबा अदहव ने प्रदर्शन की अगुवाई की तथा प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए। विपक्षी गठबंधन के सदस्यों ने दगडूशेठ हलवाई गणेश मंदिर से करीब 300 मीटर दूर मंडई में प्रदर्शन किया। मोदी ने पुणे पहुंचने के बाद इस मंदिर में पूजा-अर्चना की। कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राकांपा (शरद पवार गुट) और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने प्रदर्शन में भाग लिया।

Related Articles

Back to top button