NEET Suicide Victim Parents Response: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर क्या बोले NEET पीड़ित परिवार? बोले—’जंतर-मंतर पर बच्चों के दबाव के आगे झुकी सरकार’

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) का पेपर रद्द होने और विवाद के बाद कई बच्चों ने आत्महत्या कर ली थी। पीड़ित परिवारों के लिए यह ऐसा दर्द है जो ताउम्र रहेगा। शनिवार को पेपर लीक को लेकर मचे भारी बवाल के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उनके इस्तीफे से इन परिवारों का जख्म भर जाएगा या कम हो जाएगा? आइए जानते हैं क्या कहना है इन पीड़ित परिवारों का।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अपने बच्चों को खो चुके माता-पिता के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किसी भी तरह से पर्याप्त नहीं है। इन परिवारों का कहना है कि सरकार ने नीट परीक्षा देने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के दर्द को कभी नहीं समझा। परिवारों ने शिक्षा प्रणाली में कड़े बदलावों की मांग की ताकि भविष्य में पेपर लीक होने या किसी अन्य गड़बड़ी के चलते परीक्षा रद्द न करनी पड़े। इसके साथ ही परिवारों ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई मारपीट और छात्रों के दबाव के बाद धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने की स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
💔 ‘इस्तीफा मेरे बेटे को वापस नहीं ला सकता’, खीरी के पीड़ित पिता का छलका दर्द
उत्तर प्रदेश के खीरी जिले के रहने वाले एक 21 वर्षीय नीट अभ्यर्थी के पिता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उनके बेटे ने तीसरी बार परीक्षा दी थी। उन्होंने बताया कि मई में उनके बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने बताया कि आज भी उनकी पत्नी इस सदमे से उबर नहीं पाई हैं और गंभीर आघात में हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी मुआवजा उनके बेटे को वापस नहीं ला सकता। बेटे के जाने के बाद जिंदगी में जो खालीपन आ गया है, वह अब कभी नहीं भरेगा।
🪧 छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सराहना, जंतर-मंतर की हिंसा पर जताई चिंता
इसके साथ ही उन्होंने छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा की गई सख्ती के बावजूद छात्र अपनी मांगों पर डटे रहे। उन्होंने भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए शिक्षा व्यवस्था में ढांचागत सुधारों की मांग की। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि यह विरोध प्रदर्शन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मददगार साबित होगा। अगर धर्मेंद्र प्रधान ने विरोध प्रदर्शन शुरू होने के तुरंत बाद इस्तीफा दे दिया होता, तो जंतर-मंतर पर हुई हिंसा को टाला जा सकता था।”
⚖️ ‘जिम्मेदार लोगों को मिले सख्त सजा’, नागपुर की पीड़ित मां ने उठाई मांग
नागपुर में 20 मई को आत्महत्या करने वाली 18 वर्षीय नीट अभ्यर्थी की मां ने कहा कि उनकी बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अपनी जगह है, लेकिन वह उन छात्रों को धन्यवाद देना चाहती हैं जिन्होंने उनके बच्चे के लिए आवाज उठाई और पुलिस की कार्रवाई का सामना किया। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि पेपर लीक और छात्रों पर की गई कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।”
🙏 ‘इस्तीफे से मेरी बेटी वापस तो नहीं आएगी, पर आत्मा को शांति मिलेगी’
वहीं मृत छात्रा के पिता ने कहा, “आज न्याय मिल गया है। इस्तीफे से मेरी बेटी वापस तो नहीं आएगी, लेकिन कम से कम उसकी आत्मा को शांति मिलेगी।” मुआवजे के बारे में उन्होंने कहा कि बेटी की मौत के बाद उनके रिश्तेदारों ने उसकी पढ़ाई के लिए लिए गए कर्ज को चुकाने में मदद की थी। अगर मुआवजा मिलता है, तो वे उससे बाकी का कर्ज चुका देंगे। उनकी पत्नी ने नागपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में भी भाग लिया था।
⚠️ ‘सरकार ने गलती मानने में बहुत देर की’, कोटपूतली के पीड़ित पिता का बयान
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के एक मृत नीट अभ्यर्थी के पिता ने कहा कि सरकारों को यह समझना चाहिए कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान छात्रों को किस तरह के मानसिक दबाव और पीड़ा से गुजरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में ऐसी गंभीर गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।






