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जामताड़ा की तरह पूर्णिया में होता है साइबर अपराध आर्थिक अपराध इकाई ने गिरोह की जांच का लिया जिम्मा

पुर्णिया। प्रदेश की आर्थिक अपराध इकाई पूर्णिया साइबर अपराधियों के गिरोह को पकड़ने में लग हुई है। पूर्णिया में साइबर अपराधी गिरोह सक्रिय है। यह साइबर अपराध गिरोह झारखंड के जामताड़ा में सक्रिय गिरोह की तरह ही काम करता है।

जामताड़ा गिरोह की तरह पूर्णिया के गिरोह को लोगों के बैंक खाते से रुपये निकालने में महारत है। इस गिरोह के आठ सदस्यों को पुलिस ने 28 जनवरी 2023 को कसबा थाना से गिरफ्तार किया था। इस गिरोह के सदस्यों को नकली फिंगर प्रिंट व आधार नंबर के सहारे दूसरे राज्यों के बैंक ग्राहकों के खातों से रुपये निकाल लेते हैं।

कसबा थाना में थाना कांड संख्या 40/2023 दर्ज किया था। आर्थिक अपराध इकाई ने इस मामले की गंभीरता को समझा है। उसके बाद अब आर्थिक अपराध इकाई ने जांच का जिम्मा स्थानीय पुलिस ले लिया है। इस साइबर गिरोह ने सींमाचल के अलावा देश के कई राज्यों में अपराध को अंजाम दिया है।

ये सामान हुआ था जब्त

28 जनवरी 2023 को पूर्णिया की कसबा पुलिस ने छापेमारी की थी। उस दौरान गिरोह के पास से पॉलीमर स्टांप मशीन, दो बोतल पॉलीमर लिक्विड, 97 फिंगर प्रिंट बना हुआ, तीन पॉलीमर रबर सीट, आधार नंबर, पुड़िया में बंद 92 फिंगर प्रिंट, फिंगर प्रिंट अंकित ए फोर साइज का कुल छह ट्रेस पेपर, फिंगर स्कैनर मशीन, स्क्रू ड्राइवर के साथ-साथ कई बैंकों के आठ पासबुक भी बरामद किया था।

पुलिस को वेबसाइट से अपलोड किए आंघ्र प्रदेश के एक जमीन का केवाला सहित कुछ अन्य कागजात भी मिले थे। स्थानीय पुलिस ने जांच में यह पाया था कि इस गिरोह की पहली कोशिश जमीन संबंधी केवाला उपलब्ध करना रहता है। गिरोह वेबसाइट का सहारा लेता है। कई राज्यों में जमीन का केवाला वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है, इसका लाभ इस गिरोह उठाता है।

गिरोह के सदस्य इस कागजात को डाउनलोड करते हैं। उसके बाद संबंधित व्यक्ति का आधार नंबर व उनका फिंगर प्रिंट लेते हैं। पॉलीमर स्टांप मशीन से उसका नकली फिंगर प्रिंट तैयार करते हैं। फिंगर स्कैनर मशीन के सहयोग से संबंधित व्यक्ति के खातों से बिना ओटीपी के रुपए निकाल लेते हैं।

प्रिंटिंग प्रेस का संचालक मास्टर माइंड

पूर्णिया पुलिस ने साइबर क्राइम करने वाले आठ शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी किया। उसके बाद कई हैरान करने वाली जानकारियां सामने आईं। आठ अपराधियों में से दो अपराधी कसबा थाना क्षेत्र के हैं। एक कसबा थाना क्षेत्र में चांदनी चौक के मां लक्ष्मी प्रिंटिंग प्रेस का संचालक भोला प्रसाद साह था। भोला प्रसाद ही नकली फिंगरप्रिंट का क्लोन तैयार करता था। पुलिस ने प्रिंटिंग प्रेस में छापेमार कर पोलियर स्टांप मशीन जब्त की थी।

इस मामले में गिरफ्तार किए दूसरे साइबर क्राइम अपराधी कसबा थाना क्षेत्र के सब्दलपुर पंचायत के ढ़ोलबज्जा गांव निवासी मु. सद्दाम हुसैन है, वह अमौर थाना क्षेत्र के बाकी छह साथियों को स्थानीय संरक्षण सहित रहने के लिए आवास का प्रबंध करता था।

आर्थिक अपराध इकाई ने संभाल ली जांच

जांच में एक बात सामने आई है कि साइबर ठग लोकल लेवल पर नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर ठगी कर रहे हैं। आर्थिक अपराध इकाई ने जांच संभाल ली है। साइबर ठगों के अपराध का लिंक आंघ्रप्रदेश सहित हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश और उड़ीसा से भी जुड़ा है। आर्थिक अपराध इकाई ने जांच का जिम्मा संभालने के बाद डीएसपी के नेतृत्व में टीम का गठन किया है।

आर्थिक अपराध इकाई को सौंपी जांच

आमिर जावेद, एसपी, पूर्णिया ने कहा कि पूर्णिया के कसबा थाना में दर्ज साइबर अपराध के एक मामले को जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई ने ले लिया है। इस मामले से जुड़े सभी कागजात और साक्ष्य आगे की जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई को सौंपे हैं।

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