ब्रेकिंग
Nuh Gandhi Statue Desecration: नूंह के 'गांधी ग्राम' में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अपमान; रील बनान... President Droupadi Murmu Birthday: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जन्मदिन; पीएम मोदी, राजनाथ सिंह समेत... NEET Re-Exam Preparation: परीक्षा से पहले आज देशभर में NTA की 'मॉक ड्रिल'; जानें सुरक्षा और संचालन क... Karnataka Welfare Schemes: अब वोटर लिस्ट में नाम होने पर ही मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ; सीएम डीके ... Economic Crisis Allegations: महंगाई और बेरोजगारी पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर निशाना; RBI गवर्नर ने ... Maharashtra Politics: शिवसेना स्थापना दिवस पर शिंदे का शक्ति प्रदर्शन; राहुल गांधी और उद्धव गुट पर स... NEET UG Student Death: गाजियाबाद के प्रताप विहार में NEET की तैयारी कर रहे छात्र की मौत; जांच में जु... Ram Mandir Trust Investigation: चंदा चोरी के आरोपों पर योगी सरकार सख्त; CM बोले- 'अपराधी कोई भी हो, ... Firozabad Couple Death Mystery: फिरोजाबाद में शादीशुदा महिला और युवक की नहर में मिली लाशें; पुलिस जा... Tej Pratap Yadav Security Threat: तेज प्रताप यादव ने जताया अपनी जान को खतरा; आकाश यादव समेत 7 पर दर्...
मध्यप्रदेश

पूर्व मंत्री रामदयाल को श्रद्धांजलि देने छतरपुर पहुंचे सीएम स्वजन बोले-बीमारी में किसी ने मदद नहीं की

छतरपुर। पूर्व मंत्री रामदयाल अहिरवार के निधन के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद वीडी शर्मा उनके गृहनगर महाराजपुर पहुंचे व श्रद्धांजिल अर्पित की। महाराजपुर व चंदला से छह बार विधायक रहे अहिरवार को मध्यप्रदेश सरकार में परमानेंट विधायक के रूप में भी जाना जाता था।

उन्होंने राज्य परिवहन एवं गृहमंत्री के साथ ही जल संसाधन मंत्रालय का भी प्रभार संभाला था। अंतिम चुनाव महाराजपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष के रूप में जीता था। रविवार को बीमारी के कारण निधन हो गया।

इस अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि रामदयाल अहिरवार राजनीतिज्ञ के साथ वे समाजसेवी भी थे। महाराजपुर में उनकी स्मृति को अक्षुण्ण रखने का प्रयास किया जाएगा। उधर अहिरवार के स्वजन ने बीमारी के समय पार्टी द्वारा अनदेखी किए जाने के आरोप भी लगाए हैं। कहा कि जब वह मंत्री थे तब भीड़ लगती थी, बाद में फिर किसी ने पलटकर भी नहीं देखा। हालाकि अब राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

दो हजार रुपये की पर्ची कटाई, तब शव पहुंचा महाराजपुर

पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामदयाल अहिरवार के बेटे लक्ष्मी अहिरवार ने बताया कि पिता पिछले दस माह से बीमार थे, लेकिन किसी ने पूछा तक नहीं। कई बार यहां सीएम आए, कई बार प्रभारी मंत्री आए, सांसद आए लेकिन किसी ने मिलने तक की नहीं सोचा। छह माह पहले पिता को भोपाल के चिरायु अस्पताल में भी भर्ती कराया था। वहां लंबे समय तक भर्ती रहे पर कोई मंत्री या पार्टी का नेता देखने या मिलने तक नहीं आया। निधन के बाद पार्थिव देह को महाराजपुर ले जाना था। जब सीएमएचओ से वाहन की व्यवस्था कराने की बात कही तो उन्होंने कहा दिया कि उनके पास वाहन नहीं है। वह समर्पण संस्था से बात कर लें। संस्था प्रबंधन से बात की गई तब उन्होंने 2000 रुपये की पर्ची काटी उसके बाद उनकी पार्थिवदेह को महाराजपुर लाया गया।

Related Articles

Back to top button