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सप्लाई चेन टूट न सकी… और हमारा इंदौर ड्रग का कारिडोर बन गया

इंदौर। देश में स्वच्छता के लिए आदर्श स्थापित करने वाले इंदौर की पहचान यहां सराफा और राजवाड़ा की रात्रिकालीन दुकानें बरसों से रही हैं, मगर शहर में पनपते पब कल्चर ने इस संस्कृति को दूषित करने का काम किया है। धीरे-धीरे शहर में नशा अपनी जड़ें जमाने लगा है… यह इंदौर को स्वीकार नहीं है। नशे की गिरफ्त में आते शहर की स्थिति देखकर आम इंदौरी दुखी है। समझना चाहता है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और कैसे इस पर अंकुश लगेगा। इन्हीं सवालों के जवाब तलाशती नईदुनिया की पड़ताल :

दिसंबर-2020 में विजय नगर थाने की पुलिस ने बांग्लादेशी लड़कियों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क पर हाथ डाला तो पता चला संभ्रांत परिवार के युवाओं को ड्रग की लत लग चुकी है। पब-रेस्त्रां, काफी हाउस और फार्म हाउस तक आसानी से ड्रग सप्लाई हो रही है। फोन और वाट्सएप पर उपलब्ध होने वाला यह नशा लड़कियों की रगों तक भी पहुंच चुका है। पुलिस ने छोटे तस्करों को तो पकड़ा लेकिन सरगना पर हाथ नहीं डाल सके। यही वजह है कि शहर से सप्लाई की चेन कभी टूट ही नहीं सकी और शहर ड्रग का कारिडोर बन कर रह गया।

आर्थिक राजधानी इंदौर में 2020 के बाद तस्करी के अचानक मामले बढ़ गए। नईदुनिया ने पड़ताल की तो पता चला पुलिस सिर्फ पैडलर तक पहुंच पाती है। शहर में नशा सप्लाई करने वाला माफिया कभी हाथ ही नहीं आया। पैडलर के जेल जाने के बाद भी सप्लाई बदस्तूर जारी रही। आंकड़ों के मुताबिक प्रतिवर्ष शहर में 100 करोड़ रुपये का ड्रग्स आता है, जिसकी आधी सप्लाई शहर में होती है।

पेड़ के नीचे खड़े रहो, तस्कर खुद पुड़िया दे जाएगा

परदेशीपुरा थाने की पुलिस ने पिछले दिनों पैडलर गोलू और कान्हा को ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा तो पता चला दोनों को प्रतापगढ़ का एक तस्कर ड्रग सप्लाई करता है। उसने आगर में कई अड्डे बना रखे हैं। जैसे ही खरीदार अड्डे पर जाता है, तस्कर के गुर्गे पुड़िया देकर चले जाते हैं। गोलू और कान्हा जैसे उसके कई पैडलर हैं। पैडलर की गिरफ्तारी के बाद भी उसकी चेन नहीं टूटती। पुलिस उसे पकड़ने के लिए खरीदार बनकर पहुंची लेकिन उसे पहले ही भनक लग चुकी थी।

एजेंट के जरिए एमडीएमए भिजवाता है माफिया

विजय नगर थाने की पुलिस ने प्रीति जैन उर्फ आंटी के नेटवर्क से जुड़े तस्कर अदनान को पकड़ा तो बताया वह निंबाहेड़ा के ड्रग माफिया फिरोज लाला से एमडीएमए खरीदता है। फिरोज की कई राज्यों की पुलिस को तलाश है। फरारी में भी हर माह करोड़ों की स्मैक, ब्राउन शुगर, अफीम सप्लाई करता है। फिरोज कभी सामने नहीं आता। वह एजेंट के माध्यम से अदनान जैसे पैडलर को ड्रग की डिलीवरी देता है।

महिलाओं के जरिए सप्लाई

एमआइजी थाने की पुलिस ने पांच साल पूर्व विक्का भामी को ड्रग सप्लाई के मामले में गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला प्रतापगढ़ का वसीम लाला ड्रग भिजवाता है। खरीदार किसी महिला को लेकर जाता है ताकि एजेंसियों को शक न हो। पुलिस पांच साल बाद भी वसीम को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। वह अभी भी ड्रग सप्लाई कर रहा है।

10 राज्यों के तस्करों से सीधे जुड़े तार

जनवरी 2021 में क्राइम ब्रांच ने 70 करोड़ रुपये कीमत की एमडीएमए जब्त कर आरोपित वेदप्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल, अक्षय अग्रवाल, चिमन अग्रवाल को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला सिंथेटिक ड्रग के इस नेटवर्क में महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, तेलांगना, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, बंगाल सहित दस राज्यों के तस्कर जुड़े हुए हैं। क्राइम ब्रांच ने 40 से ज्यादा तस्करों को पकड़ा जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। एक महिला से मिली चैटिंग में तो यह भी पता चला कि वह शहर में नशे की खपत देख अफगानी ड्रग माफिया से सप्लाई की बात कर रही है।

हाल ही में हुईं हत्याएं

– कनाड़िया थाना क्षेत्र में भोपाल से शादी कर परिवार के साथ लौट रहे दूल्हे दीपक सौंधिया की कार ओवरटेक करने की बात पर चाकू मार कर हत्या कर दी थी।

– विजय नगर थाना क्षेत्र में युवती ने अपने साथियों के साथ मिलकर दोस्त प्रभाष उर्फ मोनू पंवार की चाकू से मारकर हत्या कर दी थी।

– धार रोड पर स्कूटर सवार दो बदमाशों ने सिविल इंजीनियर अतुल जैन की चाकू मारकर हत्या कर दी। दोनों ही आरोपित नाइट्रावेट और ड्रग का नशा करते हैं।

– खजराना थाना क्षेत्र के कृष्णबाग कालोनी में श्वान को लेकर हुए विवाद में गार्ड ने गोली मारकर विमल आमेचा और राहुल वर्मा की हत्या कर दी।

पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर से सीधी बात

प्रश्न-ड्रग्स पर नियंत्रण नहीं हुआ।

-करोड़ों रुपये कीमत का ड्रग पकड़ चुके हैं।

प्रश्न-पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगा।

-पुलिस ने सक्रीय पैडलर को पकड़ा है।

प्रश्न-असल माफिया नहीं पकड़ा गया।

-दूसरे राज्यों से ड्रग आ रहा है। क्राइम ब्रांच ने चिह्नित कर लिया है।

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