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उत्तरप्रदेश

मंत्री संजय निषाद का अधिकारियों पर फूटा गुस्सा, बोले- लखनऊ पहुंचकर आप सभी को चापूंगा

गोरखपुरः यूपी के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अधिकारियों को मोबाइल पर कॉल कर फटकार लगाई। उन्‍होंने ब‍ारिश के बीच मछुआ समाज के लोगों से ताल के पट्टे और सरकारी योजनाओं के मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी हासिल की। इस दौरान संबंधित अधिकारियों के नदारद होने से वे बिफर पड़े। जब उन्‍हें ये जानकारी मिली कि सरकारी योजनाओं का लाभ उनके समाज के लोगों को नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही अधिकारी भी उनके बीच योजनाओं की जानकारी देने के लिए नहीं आए हैं, तो उन्‍होंने मोबाइल पर कॉल कर उनकी जमकर क्‍लास ली। लखनऊ पहुंचकर आप सभी को चापूंगा।

कॉल कर अधिकारियों को लगाई जमकर फटकार
यूपी के गोरखपुर के मानीराम सिक्‍टौर स्थित महेसरा ताल और मछली मंडी पर मत्‍स्‍य विभाग की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने मंगलवार को पहुंचे यूपी सरकार के मत्‍स्‍य मंत्री डॉ. संजय निषाद अधिकारियों को फोन कर बिफर पड़े। उन्‍होंने कॉल कर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्‍होंने कहा कि आप लोगों को लखनऊ जाकर चापूंगा। उन्‍होंने कहा कि पहले जब पट्टा नहीं था, तो बाद में फ्रॉड युवक को पट्टा कैसे दे दिया गया। इसके खिलाफ कार्रवाई करो। पहली बात मिट्टी खोदने का आर्डर किसने किया। इसका रेवेन्‍यू कहां गया। डीएम ने बोला तो रेवेन्‍यू कहां गया। इसका डीपीआर किस इंजीनियर ने बनाया। इन पांच बिंदुओं पर रिपोर्ट दे दो अगर कार्रवाई से बचना है तो।

सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हो…
मछुआ समाज के लोगों को योजनाओं के बारे में बताते हुए उन्‍होंने कहा कि वे मछुआ समाज के लोगों को मछली पालन के साथ बोट और जैकेट दिया जा रहा है। उन्‍होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि क्‍या कर रहे हो। सरकारी योजनओं की जानकारी क्‍यों नहीं दे रहे हो। सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हो। इस बार छोड़ दे रहा हूं। अगली बार मौके पर सस्‍पेंड करूंगा। 5 लाख रुपए तक का बीमा मछुआरों का होगा। जिससे उनके परिवार को मृत्‍यु होने पर 5 लाख रुपए की मदद मिल सके। दुर्घटना होने और अन्‍य योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास जिन भी लोगों को नहीं मिला है, उन्‍हें मिलेगा. पूरी डीटेल उनके पास भेजें।

उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने आज गोरखपुर में लगभग 50 करोड़ की लागत से बनने वाले एक्वा पार्क का निरीक्षण किया, लेकिन मंत्री के इस दौरे के दौरान जिले के जिम्मेदार अधिकारी फाइलों सहित नदारत रहे। गोरखपुर में हो रही बरसात में भीगते हुए मंत्री संजय निषाद जब मछुआरों के बीच पहुंचे और उससे बात की तो पता चला कि केंद्र और प्रदेश की किसी योजना का लाभ इन मछुआरों को नहीं मिल पा रहा है। मंत्री ने जब मछुआरों के बीमा की स्थिति, तालाब और पट्टे के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की तो पता चला कि जिले के मत्स्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी साहब न तो खुद पहुंचे हैं और न ही संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें लेकर उनका कोई कर्मचारी आया है।

अधिकारियों की इस लापरवाही को देखकर मंत्री डॉ. संजय निषाद तमतमा गए और उन्होंने लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारियों को फोन कर गोरखपुर के लापरवाह अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे दिए। उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार लगातार मछुआरों की स्थिति सुधारने के लिए उन्हें अलग-अलग योजनाओं के जरिए सबल बनाने की कोशिश कर रही है, उनका बीमा कराया जा रहा है लेकिन आज जब उन्होंने निरीक्षण किया, तो पाया कि जमीनी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही की वजह से मछुआरों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब उन्होंने इस तरह के दोषी अधिकारियों के पेंच कसने शुरू कर दिए हैं और लापरवाही बरतने वाले सभी मत्स्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दे दिए गए हैं।

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