ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...
मध्यप्रदेश

बीयू के 20 से अधिक पाठ्यक्रमों में एक भी प्रवेश नहीं कुछ पाठ्यक्रम हो सकते हैं बंद

भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में इस सत्र में यूजी 16 और पीजी के 40 से अधिक पाठ्यक्रमों में सीयूईटी के तहत प्रवेश दिए जा रहे हैं, लेकिन अब भी आधे से अधिक सीटें खाली हैं। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एनसीटीई के तहत भी विद्यार्थियों ने 20 से अधिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने में रुचि नहीं दिखाई है। सबसे अधिक प्रवेश विधि के पाठ्यक्रमों में हो रहे हैं। विद्यार्थियों के पास प्रवेश लेने के लिए इस सप्ताह तक का समय है।
बीयू के सभी कोर्स में 1924 सीटों पर प्रवेश लेने के लिए 2,338 आवेदन प्राप्त हुए हैं। अब तक 629 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।अब भी आधे से अधिक सीटें खाली हैं। कुलपति ने जिन पाठ्यक्रमों में प्रवेश बिल्कुल नहीं हुए हैं, उनकी जानकारी मांगी है। इन पाठ्यक्रमों को बंद किया जा सकता है। बीयू के कई विभागों में शिक्षक नहीं हैं, जबकि राजधानी के कालेजों में पीजी में प्रवेश की स्थिति काफी अच्छी बनी हुई है।

इन विभागों में नहीं हुए एक भी प्रवेश

बीयू के एमए एक्सटेंशन एजुकेशन एंड सोशल वर्क में चार साल से एक भी आवेदन नहीं आया है। एमए अरेबिक, एमए लिंग्जेस्टिक, एमएससी लिम्नोलाजी, एमएससी बायोलाजी, एमएससी एप्लाइड जियोलाजी, एमए इतिहास में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। वहीं डिप्लोमा में मार्डन अरबिक लैंग्वेज, ईको टूरिज्म, एनिमल रिसोर्स मैनेजमेंट, बायोलाजी, लिम्नोलाजी, बायोसेफ्टी एंड बायोसिक्युरिटी, मेडिकल लैब, प्लांट टिश्यु कल्चर, वर्मी कम्पोस्ट टेक्नोलाजी, मशरूम, रूरल डेवलपमेंट, वेब एंड ग्राफिक्स, मोबाइल एप्प डेवलपमेंट, बिजनेस इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रनिक मीडिया, एनर्जी आडिट मैनेजमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग जैसे पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों का रुझान बिल्कुल नहीं है।

विधि में सबसे ज्यादा प्रवेश

कई पाठ्यक्रमों में ज्यादा विद्यार्थी नहीं होने के बाद बीयू ने सीयूईटी को छोड़ 12वीं और यूजी की मेरिट के आधार पर प्रवेश देना शुरू किया है। बीएलएलएबी और एलएलएम की सीटों पर प्रवेश लेने के लिए 600 आवेदन जमा हुए हैं। बीएएलएलबी में 44 और एलएलएम की 24 सीटों पर प्रवेश हुए हैं।

विवि के कुछ पीजी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में तीन-चार सालों में कम प्रवेश हुए हैं। सभी विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है।

– आइके मंसूरी, कुलसचिव, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय

Related Articles

Back to top button