ब्रेकिंग
Ayodhya News: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा अपडेट; आरोपियों के घर से हुई ज्वेलरी और कैश की रिकवर... Maharashtra Monsoon Session: विधानसभा में गूंजा पेपर लीक का मुद्दा; विपक्ष का बड़ा हमला, सरकार पर उठा... Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर का 4 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार; भारत भ... Ram Mandir Donation Scam: 'चढ़ावा चोरों' का सामाजिक बहिष्कार शुरू; अयोध्या बार एसोसिएशन ने केस लड़ने ... Himachal Pradesh Model Panchayat: टिहरी पंचायत का बड़ा फैसला; पशु क्रूरता पर जुर्माना और पर्यावरण संर... West Bengal UCC Update: पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी; ड्राफ्ट कमेटी का ह... Noida School Timing Changed: भीषण गर्मी के चलते नोएडा-ग्रेटर नोएडा के स्कूलों का समय बदला; अब इस समय... Ram Mandir CEO Controversy: राम मंदिर प्रशासन में CEO नियुक्ति का संत समाज ने किया विरोध; 'सरकारी हस... Gorakhpur Express Mystery: ट्रेन से रहस्यमयी ढंग से लापता हुई महिला यात्री; सूटकेस भी गायब, मचा हड़क... Akhilesh Yadav Promise: सपा सरकार आई तो बदलेगी शिक्षा नीति; अखिलेश यादव का यूपी के युवाओं से बड़ा वाद...
मध्यप्रदेश

छतरपुर और रतलाम की दो समूह जलप्रदाय परियोजनाओं को मिल सकती है कैबिनेट की मंजूरी

भोपाल। शिवराज कैबिनेट की गुरुवार को वाली बैठक में छतरपुर और रतलाम की समूह जलप्रदाय परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाएगी। 967.52 करोड़ लागत की इन परियोजनाओं में छतरपुर के लवकुश नगर में 560 करोड़ और रतलाम के मझोडिया में 407 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं जन अभियान परिषद के महानिदेशक बीआर नायडू की संविदा अवधि बढ़ाने पर भी कैबिनेट मुहर लगाएगी।

सेवानिवृत्त आइएएस नायडू को परिषद में संविदा नियुक्ति दी गई है, जिसकी अवधि नौ अगस्त 2023 को पूरी हो चुकी है। उसे बढ़ाकर अब दिसंबर 2023 किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत आकार लेने वाली दोनों परियोजनाओं में इंटकबेल, जल शोधन संयंत्र, रा-वाटर पंपिंग मेन, क्लीयर वाटर पंपिंग मेन, ग्रेविटी मेन, क्लीयर वाटर टैंक, ओवरहेड टैंक का निर्माण किया जाएगा।

जल वितरण के लिए पाइप लाइन बिछाकर घरेलू नल कनेक्शन दिए जाएंगे। परियोजनाओं के तहत ग्राम संरचना की लागत की पांच प्रतिशत राशि अनुसूचितजाति, जनजाति बहुल ग्रामों और अन्य ग्रामों में ग्रामीण समुदाय से 10 प्रतिशत जन सहयोग राशि ली जाएगी।

शेष राशि की 50 प्रतिशत राशि केंद्र और 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार उठाएगी। परियोजनाएं पूरी होने पर इनका संचालन और संधारण जल निगम एवं संबंधित ग्राम पंचायत के अंतर्गत ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। जल निगम ओवरहेड टैंक भरने तक की जिम्मेदारी उठाएगा।

ग्राम में जल प्रदाय और बिल की वसूली की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत या ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की रहेगी। राज्य सरकार ने मार्च 2025 तक जल जीवन मिशन के सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।

Related Articles

Back to top button