ब्रेकिंग
अलवर में अनोखी शादी: दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद बने पति-पत्नी Punjab Railway Track Blast: सरहिंद में मालगाड़ी के पास संदिग्ध विस्फोट, 12 फीट उड़ी पटरी; RDX की आशं... Mirzapur News: जोरदार धमाके से दहल उठा मिर्जापुर, ताश के पत्तों की तरह गिरीं 10 दुकानें; भीषण आग से ... Greater Noida Student Suicide: शराब पीकर आने पर प्रबंधन ने बनाया था वीडियो, पिता की डांट से क्षुब्ध ... FASTag और Amazon Gift Card के जरिए करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से पकड़े 2 मास्टरमाइंड शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और UP सरकार के बीच बढ़ा विवाद, प्रयागराज से लखनऊ तक छिड़ा 'पोस्टर वॉर' PM Modi के आह्वान पर BJP का बड़ा कदम, देशभर से चुने जाएंगे 1000 युवा नेता; जानें पूरी प्रक्रिया Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र...
धार्मिक

भाद्रपद मास की हेरंब संकष्टी चतुर्थी 3 सितंबर को, नोट करें शुभ मुहूर्त व पूजा विधि

हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का विशेष महत्व है। कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान गणपति की पूजा के साथ व्रत रखने की परंपरा है। इसके अलावा, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को हेरंब संकष्टी चतुर्थी व्रत मनाया जाता है। इस वर्ष यह व्रत 3 सितंबर, 2023 को रखा जाएगा।

संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा और व्रत रखने का विधान है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन लंबोदर की पूजा करता है। उसे हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। सभी प्रकार के कष्टों से छुटकारा मिलता है। हेरंब संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश के 32 रूपों में से एक हेरंब की पूजा करने की परंपरा है।

संकष्टी चतुर्थी सितंबर 2023 शुभ मुहूर्त

  • भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 02 सितंबर को रात 8.49 बजे शुरू होगी। 03 सितंबर को शाम 6.24 बजे समाप्त होगी।
  • भगवान गणेश की पूजा का समय- 03 सितंबर सुबह 07.35 बजे से 10.45 बजे तक।
  • शाम की पूजा का समय- 03 सितंबर रात्रि 08.57 बजे।

संकष्टी चतुर्थी सितंबर 2023 पूजा विधि

संकष्टी चतुर्थी को हेरंब या भाद्रपद संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस संकष्टी को सूर्योदय के समय उठकर स्नान करके और साफ कपड़े पहनकर भगवान गणेश की पूजा करके मनाया जाता है। वहीं, उपवास भी रखा जाता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button