ब्रेकिंग
सोनचिरैया अभ्यारण्य में लकड़ी माफियाओं की घुसपैठ, तस्करों से वन विभाग की मुठभेड़ मकर संक्रांति पर यहां भगवान खुद उड़ाते हैं पतंग, अद्भुत है बुरहानपुर के इस मंदिर की मान्यता बागेश्वर धाम पहुंचे रशियंस, साधु जी सीता राम के लगाए जयकारे, मकर संक्रांति से पहले लिया बाबा का आशीर... भोपाल में दूषित पानी को लेकर 'जल सुनवाई', बीमारियों के सबूत लेकर पहुंचे लोग वर्दी का अहंकार! गोरखपुर में फॉरेस्ट गार्ड ने किसान को सड़क पर जानवरों की तरह पीटा, वीडियो वायरल होत... पार्टी, शराब और फिर कत्ल! मामूली बात पर बॉयफ्रेंड ने प्रेमिका को उतारा मौत के घाट, दहला देने वाला खु... बेटे को बनाया 'लड़की', फिर करवाया जानलेवा स्टंट; रील बनाने वाले माता-पिता पर टूटा कानून का डंडा रील्स की दीवानगी ने तोड़े शादी के सपने! बाइक स्टंट के दौरान बड़ा हादसा, लहूलुहान हुआ जोड़ा ममता बनर्जी का 'चुनावी युद्ध': क्या महिला वोटरों को रोकने के लिए हो रहा है SIR का इस्तेमाल चूड़ी पहनाने के बहाने मासूम से दरिंदगी: रायपुर की दिल दहला देने वाली घटना, आरोपी गिरफ्तार
देश

मप्र में उत्तम वर्षा के लिए महारुद्राभिषेक, मुख्यमंत्री शिवराज ने की महाकाल की विशेष पूजा

उज्जैन। मध्‍य प्रदेश में पुन: वर्षा का क्रम शुरू हो इसके लिए ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भादौ मास के पहले सोमवार को महारुद्राभिषेक अनुष्ठान किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने महाकाल की महापूजा कर भगवान से उत्तम वृष्टि की प्रार्थना कर अनुष्ठान का शुभारंभ किया।

माननीय मुख्यमंत्री श्री

जी द्वारा महाकाल मंदिर, उज्जैन में दर्शन एवं पूजन

पहली बार भगवान महाकाल का महारुद्राभिषेक अनुष्ठान

मध्‍य प्रदेश में खंड वृष्टि के चलते भादौ मास में पहली बार भगवान महाकाल का महारुद्राभिषेक अनुष्ठान किया जा रहा है। सोमवार सुबह पं.घनश्याम पुजारी के आचार्यत्व में मुख्यमंत्री भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक पूजन कर अनुष्ठान का शुभारंभ किया।

 

इसके बाद सतत जलधारा प्रवाहित की जाएगी। 66 ब्राह्मण नंदी हॉल में बैठकर महारुद्राभिषेक के 102 आवर्तन करेंगे। अनुष्ठान अभिषेकात्मक किया जाएगा। दोपहर 12.30 बजे अनुष्ठान की पूर्णाहुति की जाएगी।

ऐसे भी हो सकता है अनुष्ठान

जानकारों के अनुसार अवर्षा की स्थिति में सृष्टि की अनुकूलता व वर्षा का चक्र पुन: प्रारंभ करने की प्रार्थना के लिए भगवान महाकाल का पूजन करना सर्वश्रेष्ठ है। निश्चित ही इससे देव कृपा होगी ओर सूखे की स्थिति समाप्त होगी।

सामान्‍य से कम बारिश

इस बार सामान्य से तेरह फीसद बारिश कम हुई है। इसलिए देवाधिदेव महादेव महाकाल को मनाना नितांत आवश्यक है। पहली बार भादौ मास में यह अनुष्ठान हो रहा है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार वर्षा ऋतु में एक दिन शेष रहने पर भी इस प्रकार का अनुष्ठान किया जा सकता है। इस बार तो अभी वर्षा ऋतु के अट्ठाविस दिन शेष है। निश्चित ही महाकाल महाराज अपनी प्रजा की प्रार्थना सुनकर कल्याण करेंगे।

Related Articles

Back to top button