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मध्यप्रदेश

भाजपा की सभा के बाद फेंक गए भोजन के पैकेट, खाने से मवेशियों की मौत, बदबू से लोग परेशान

बीना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के बाद आम लोगों द्वारा जो खाने के पैकेट फेंके गए, उन्हें खाने के बाद कई मवेशियों की मौत हो गई। आधा दर्जन से अधिक कमजोर अवस्था में सभा स्थल पर हैं। सभा स्थल पर कचरा और खाने के पैकेट अभी भी पड़े हुए हैं। मृत मवेशियों से उठती बदबू के कारण गांवों में लोगों का रहना मुश्किल है।

पीएम मोदी की सभा के निशान अब तक उस हड़कलखाती गांव के पास फैले हुए हैं। सभा स्थल पर फैली गंदगी, प्लास्टिक के टुकड़े, पैकेटों में पैक खाना, इस दूषित खाने के लालच में पहुंचते मवेशी अभी भी वहां देखे जा सकते हैं। प्लास्टिक पैक में पैक खाने को खाने के बाद कई मवेशियों की असमय मौत हो गई है। सभा हुए सात दिन हो चुके हैं, इस बीच आठ से अधिक मवेशियों की मौत हो गई है।

लगभग आधा दर्जन मवेशी कमजोर हालत में हैं। इन मृत मवेशियों से उठती बदबू आसपास के खेतों के किसानों, रहवासियों को परेशानी पैदा कर रही है। ग्रामीण शिकायत करते हैं, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है।

फेंसिंग भी बनी परेशानी

जिस स्थान पर सभा हुई, लगभग 100 एकड़ के उस क्षेत्र पर अब रिफाइनरी प्रबंधन द्वारा फेंसिंग की जा रही है। जिसका विरोध किसानों द्वारा किया गया है। किसानों ने एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह को आवेदन देकर खेतों तक जाने के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की है।

किसानों का कहना है कि रिफाइनरी के लिए यह जमीन दिए जाने से पूर्व यह सरकारी थी। जिससे होकर किसान अपने खेतों, रामनगर, कुरवाई रोड, करमोदिया जाया करते थे। अब फेंसिंग होने से दूसरे गांव तो ठीक अपने ही खेतों तक जाने में परेशानियां पैदा हो रही है।

किसान श्यामलाल अहिरवार ने बताया कि सालों पुराने हमारे खेत हैं। फेंसिंग हो जाएगी तो हम कहां से जाएंगे। फसल कटाई का समय है। किसान अवधेश तिवारी, कैलाश ठाकुर सहित अन्य ने भी इस फेंसिंग का विरोध किया।

रामनगर से आगासौद फीडर से किया कनेक्शन

जिस स्थान पर सभा होने वाली थी, वहां बिजली की लाइन आ रही थी। इस लाइन से ग्राम हड़कलखाती, पार सहित आसपास के अन्य गांवों को रामनगर फीडर से विद्युत की सप्लाई होती थी। बीपीसीएल ने रामनगर के स्थान पर आगासौद फीडर से सप्लाई करने के लिए अलग से लाइन डाल दी। जो अब तक अधूरी है। किसान परेशान हैं, बिजली उन्हें पर्याप्त मिल नहीं पा रही है।

सभा के लिए बीपीसीएल ने दो गांवों के लिए बिजली सप्लाई करने वाला फीडर बदलवा दिया था। जिससे दोनों ग्रामों के बाशिंदे परेशान हैं। इसके अलावा जिस स्थान पर आमसभा हुई, उस जगह की फेंसिंग अब बीपीसीएल द्वारा कराई जा रही है। जिससे किसान अपने खेतों तक जाने के लिए परेशान हो रहे हैं।

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