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स्वदेशी लोगों के भूमि अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए असम सरकार लाएगी बिल: हिमंत बिस्वा सरमा

गुवाहाटी। असम के मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने स्वदेशी लोगों के भूमि अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए अगले विधानसभा सत्र में एक नया विधेयक लाने का फैसला किया है। सरमा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने अगले विधानसभा सत्र में स्वदेशी लोगों के भूमि अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए एक नया विधेयक लाने का फैसला किया है। इस विधेयक के तहत स्वदेशी लोग अपनी जमीन केवल स्वदेशी लोगों को बेच सकते हैं।

असम कैबिनेट ने असम को राज्य की भाषा बनाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजने का भी फैसला किया है। असम के वित्त मंत्री ने कहा कि सभी भारतीय राज्यों को मूल रूप से भाषा के आधार पर पुनर्गठित किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद प्रवासन के कारण, किसी राज्य की भाषा बोलने वाले लोगों की संख्या भिन्न हो सकती है। हालांकि, भाषा को उस आधार पर रखना महत्वपूर्ण है जिसके आधार पर राज्य बनाया गया था।

सीएए और NRC पर ममता का बयान

नागरिकता कानून पर हो रहे हंगामे के बीच असम की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CAA (Citizenship amendement bill) और NRC को लेकर उन्होंने बड़ा बयान दिया था। जिसकी कई राजनीतिक दलों ने खूब आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर संयुक्त राष्ट्र या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग जैसी निष्पक्ष संस्था एक कमेटी का गठन करे और पता लगाए कि कितने लोग इसके पक्ष में हैं।

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि आजादी के 73 साल बाद अचानक हमें यह साबित करना होगा कि हम भारतीय नागरिक हैं। तब भाजपा कहां थी, आज वह देश को विभाजित कर रही है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि आप अपने इस विरोध को न रोकें क्योंकि हमें नागरिकता कानून को रद्द कराना होगा।

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