ब्रेकिंग
छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... JPSC परीक्षा धांधली: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल; सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में SIT और CBI जांच... JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का हुंकार: मंत्री प्रतिनिधिमंडल संग बैठक विफल, TDPL कंपन... Gauri Shiksha Foundation के चेयरमैन Mukesh Sharma ने कांवड़ सेवा शिविर में युवाओं को सेवा संस्कार अप... राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ... पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक जानें 8 अगस्त के दाम; क्रूड ऑयल पर ईरान-ओमा... जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ CIK का बड़ा एक्शन, सिम कार्ड दुरुपयोग और UAPA मामलों में कई जिलों ... कर्नाटक के कलबुर्गी में बाढ़ से बिगड़े हालात, उफनती कमलावती नदी में ट्रैक्टर पर शव ले जाकर हुआ अंतिम... बरेली में गजब कारनामा: संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला दूसरे समुदाय के युवक के घर डबल बेड के नीच... कानपुर देहात में प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा: रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा, वीडियो वायरल होने ...
मध्यप्रदेश

MP के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे गांव में बाघ के घुसने की सूचना, वन अमला अलर्ट

उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पतौर रेंज के ग्राम कसेरू में एक बाघ के घुस जाने की सामने आई है। बाघ के यहां आ जाने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। हालांकि बाघ के गांव के नजदीक पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद ही वन अमला मौके पर पहुंच गया था लेकिन देर शाम तक बाघ का रेस्क्यू नहीं किया जा सका था। बाघ की जानकारी के बाद सुबह से ही पतौर रेंज अधिकारी अर्पित मैराल समेत पार्क अधिकारी और कर्मचारी बाघ की मूवमेंट पर नज़र रखे हुए हैं।

सुबह देखा गया था बाघ

बताया जाता है कि सुबह 7 बजे से ही गांव के पास बाघ दिखाई दिया था। इसके बाद बाघ गांव के अंदर आ गया था। बाघ के नजदीक होने से गांव के लोग दहशत में आ गए थे। पार्क अमला पटाखों की मदद से टाइगर को वन क्षेत्र से खदेड़ने का प्रयास कर रहा था। बाद में हाथी गश्ती दल को भी मौके पर रवाना कर दिया गया था। यहां जंगल घना होने के कारण बाघ पर लगातार नजर रख पाना भी संभव नहीं है।

यहां दिखा था बाघ

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बाघ दोपहर को ग्रामीण कंधा सिंह के तालाब पर लगे बरा के पेड़ के नीचे बैठा था। बाद में स्थानीय मंगोल सिंह और बद्री सिंह के घर के पास मौजूद लैंटाना में बैठ गया था। बताया जाता है कि देर शाम 5.30 बजे तक इस लैंटाना की ओट में खामोशी से टाइगर बैठा रहा। हालांकि पार्क टीम मौके पर मौजूद थी और किसी भी तरह टाइगर को वन क्षेत्र हांकने का प्रयास में जुटी रही।

बमेरा में पिछले महीने हुई घटना

कसेरू से चार किमी पर स्थित ग्राम बमेरा में पिछले महीने एक बाघ ने कम्मा सिंह के घर में घुसकर उस पर हमला कर दिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। बाद में उस बाघ को पकड़ लिया गया था और बहेरहा के बाड़े में डाल दिया गया था। इसके बाद घायल बाघ को मुकुंदपुर भेज दिया गया है। एक दिन पहले ही धमोखर रेंज के छयन गांव में भी एक आदिवासी सिपाही बैगा के घर में बाघ घुस गया था जिसे कुत्तों ने भोंककर भगा दिया था।

Related Articles

Back to top button