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स्मार्टफोन मेकर Vivo के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चीनी नागरिक सहित 4 को किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने चाइनीज स्मार्टफोन कंपनी Vivo पर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने मंगलवार को कंपनी से जुड़े 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक चाइनीज नागरिक भी शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय ने इन लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग PMLA केस में अरेस्ट किया है। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में बीते वर्ष फरवरी में जांच शुरू की थी। ईडी ने अपने आरोप में कहा है कि चाइनीज स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो भारत में टैक्स से बचने के लिए 62,476 करोड़ रुपये ‘गैरकानूनी’ तरीके से चीन में भेजा था।

आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि इन चारों व्यक्तियों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया है। उन्हें यहां एक अदालत में पेश किये जाने की उम्मीद है, जहां एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट उन्हें अपनी हिरासत में देने का अनुरोध करेगा।

टैक्स चोरी का भी आरोप

ईडी ने कंपनी और इससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर पिछले साल जुलाई में छापा मारा था। उस समय चीनी नागरिकों और कई भारतीय कंपनियों की संलिप्तता वाले एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था। ईडी ने तब आरोप लगाया था कि वीवो ने भारत में टैक्स की अदायगी से बचने के लिए 62,476 करोड़ रुपये ‘अवैध रूप से’ चीन भेज दिए थे।

वीवो और ईडी का क्या है जवाब

हालांकि वीवो और एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने इस बारे में पूछे गए किसी भी सवाल का आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। साल 2022 के इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग सहित टैक्स चोरी के भी मामले की जांच चल रही है। इन एक्जीक्यूटिव्स को हिरासत में लेने के बारे में पीटीआई पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी गई थी।

वीवो इंडिया, वीवो कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी की सब्सिडियरी कंपनी है और इसका हेडक्वार्टर चीन में है। यह कंपनी मोबाइल हैंडसेट और एसेसेरीज की मैन्युफैक्चरिंग असेंबलिंग से लेकर डिस्ट्रीब्यूशन तक में डील करती है।

1 चीनी नागरिक समेत 4 गिरफ्तार, कैश भी बरामद

प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को गुआंगवेन क्यांग उर्फ एंड्रयू कुआंग ( चीनी नागरिक ),लावा इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक हरिओम राय और चार्टेर अकाउंटेंट राजन मलिक और नितिन गर्ग को गिरफ्तार किया है। ईडी ने इस कार्रवाई में 10 लाख रुपये से ज्यादा की नगदी भी जब्त की है।

2020 से की जा रही जांच

बता दें कि साल 2020 में भारत ने सीमा पर तनाव के बाद चीनी कंपनियों के खिलाफ जांच कड़ी कर दी थी, उस दौरान भारत ने टिकटॉक समेत 200 से अधिक मोबाइल ऐप्स पर बैन भी लगाया था।

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