Babulal Marandi on SIR Process: एसआईआर देश हित में; नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का विपक्ष पर तंज, बोले— राहुल गांधी को इलाज की जरूरत

रांची। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों को पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एसआईआर किसी खास राजनीतिक दल या राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के हित में चलाया जा रहा एक पारदर्शी कार्यक्रम है। बाबूलाल मरांडी ने बताया कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से दुरुस्त करना है। इसमें मृत मतदाताओं, अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके लोगों और कई स्थानों पर दर्ज दोहरे नामों को हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के दौरान यदि हमारे अपने समर्थकों के नाम भी कटते हैं, तो भी मतदाता सूची के शुद्धिकरण का स्वागत किया जाना चाहिए।
🏛️ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर उठ रहे सवालों पर कांग्रेस-झामुमो को दी नसीहत: 2014 से पहले के चुनावी नतीजों का दिया हवाला
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेताओं को नसीहत देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग पर उंगली उठाने के बजाय अपने नेतृत्व की चिंता करनी चाहिए।
उन्होंने इतिहास का स्मरण कराते हुए कहा कि 2014 से पहले देश में कांग्रेस नीत यूपीए (INDIA गठबंधन) की सरकार थी और डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। उस दौर में भी चुनाव आयोग के प्रमुखों की नियुक्ति तत्कालीन सरकार द्वारा ही की जाती थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 44 सीटें मिलीं और भाजपा ने 282 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। इसके बाद 2019 में कांग्रेस 52 सीटों पर सिमटी जबकि भाजपा ने 303 सीटें जीतीं। 2024 के चुनाव में भी कांग्रेस 99 सीटों के फेर में ही उलझी रह गई।
💬 ‘राहुल गांधी का इलाज जरूरी, वरना 2029 में डूबेगा पूरा गठबंधन’: बाबूलाल मरांडी ने कसा तीखा तंज
पूर्व मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि देश या दुनिया में जहां कहीं भी बेहतर चिकित्सा सुविधा हो, वहां राहुल गांधी का इलाज कराया जाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो 2029 के आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ-साथ पूरा ‘इंडिया’ गठबंधन डूब जाएगा। वे अपने साथ-साथ अपने सभी सहयोगी दलों को भी ले डूबेंगे।
🪓 ‘हेमंत सरकार पूरी तरह आदिवासी विरोधी’: हॉस्टल की बदहाली और स्टाइपेंड न मिलने का उठाया मुद्दा
हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोलते हुए भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लगातार प्रचार-प्रसार के कारण कुछ लोग भ्रम में हैं कि वर्तमान सरकार आदिवासी हितैषी है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के आदिवासी हॉस्टलों की स्थिति अत्यंत दयनीय है और जनजातीय समाज के बच्चों को मिलने वाला छात्रवृत्ति (स्टाइपेंड) लंबे समय से रुका हुआ है, जिससे यह साफ होता है कि हेमंत सरकार पूरी तरह आदिवासी विरोधी नीतियों पर चल रही है।
📢 ‘वोट चोरी की पोल खुलने से बौखला गए हैं भाजपा नेता’: कांग्रेस प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा का करारा पलटवार
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के राहुल गांधी पर दिए गए अमर्यादित बयान पर कांग्रेस पार्टी ने कड़ा एतराज जताया है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने पलटवार करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों से भाजपा की चोरी पकड़ी गई है। इसी बौखलाहट और खिसियाहट में भाजपा नेता इस तरह की अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। सिन्हा ने आगे कहा कि देश की जनता समझ चुकी है कि यह जनतंत्र की सरकार नहीं बल्कि वोटों की हेराफेरी से बनी सरकार है। उन्होंने कहा कि कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा निकालने वाले और देश में नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने वाले नेता के बारे में बाबूलाल मरांडी का ऐसा बयान उनकी खुद की गिरती मानसिक स्थिति को दर्शाता है।





