ब्रेकिंग
Supreme Court News: चुनाव आयोग के कामकाज और EVM तकनीक की जांच की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई न... Delhi Air Pollution News: प्रदूषण के स्रोतों का लगेगा सटीक पता, दिल्ली में लॉन्च हुई Real-Time Sourc... Jammu and Kashmir Politics: एलजी मनोज सिन्हा से मिले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जल्द शपथ लेंगे नए मं... Samba News: जम्मू-कश्मीर के सांबा में मिला संदिग्ध कबूतर, पैर में कोड रिंग, उर्दू नोट और पाकिस्तानी ... Churu Road Accident: तारानगर रोड पर दर्दनाक सड़क हादसा, कार और ट्रेलर की भिड़ंत में एक ही परिवार के ... Ravi Shankar Prasad PC: रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली की तारीख को लेकर विवाद, बीजेपी ने राहुल गा... Noida News: सेक्टर-125 के कैफे में लगी भीषण आग, गैस रिसाव के चलते चार दुकानें चपेट में आईं Budaun Crime News: शराब के नशे में खूनी संघर्ष, पिता ने कुल्हाड़ी से गला काटकर की बेटे की बेरहमी से ... Gwalior News: नीट की तैयारी कर रही नाबालिग से लिफ्ट के बहाने रेप, वीडियो बनाकर 10 महीने तक किया ब्लै... Rajasthan Cyber Crime: ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर 12 करोड़ की ठगी का खुलासा, मुख्य आरोपी विशाखा...
धार्मिक

इन चीजों के बिना अधूरी मानी जाती है दुर्गा अष्टमी की पूजा, नोट कर लें सामग्री

इंदौर।  साल में 4 बार नवरात्र आते हैं। आश्विन नवरात्र को शारदीय नवरात्र कहा जाता है। फिलहाल शारदीय नवरात्र चल रहे हैं और 23 अक्टूबर तक चलेंगे। नवरात्र के 9 दिनों में अष्टमी और नवमी तिथि का सबसे अधिक महत्व है। इन दो दिनों के दौरान, नवरात्र उत्सव पूरे जोरों पर होता है। कन्या पूजन के साथ-साथ पंडालों में बड़े स्तर पर दुर्गा पूजा की जाती है। इस वर्ष अष्टमी तिथि 22 अक्टूबर और नवमी तिथि 23 अक्टूबर को है। दोनों तिथियों पर मां दुर्गा की विशेष पूजा की जाती है। पंडित आशीष शर्मा के अनुसार, नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

अष्टमी-नवमी पर करें इन नियमों का पालन

  • अष्टमी और नवमी पर की जाने वाली विशेष दुर्गा पूजा में कुछ सामग्रियों का उपयोग करना बहुत जरूरी होता है, तभी पूजा पूर्ण मानी जाती है। इन चीजों के बिना मां दुर्गा की पूजा अधूरी है।
  • नवरात्र की अष्टमी और नवमी पूजा में स्थापित कलश को अवश्य शामिल करें।
  • नवरात्रि के कलश स्थापना के दिन बोए गए जौ का उपयोग अष्टमी और नवमी की दुर्गा पूजा में भी करना चाहिए। इस जौ को मां दुर्गा को अर्पित करें।
  • दुर्गा पूजा में पंच पल्लव महत्वपूर्ण होते है। ये पांच पल्लव हैं- आम, पीपल, गूलर, अशोक और बरगद के पत्ते। कलश को स्थापित करने के लिए पंच पल्लव का भी उपयोग किया जाता है। अष्टमी-नवमी की पूजा में पंच पल्लव को शामिल करना भी शुभ माना जाता है।
  • नवरात्र का समय देवी दुर्गा को प्रसन्न करने का सुनहरा अवसर होता है। यदि अष्टमी की पूजा के दौरान मां दुर्गा की मूर्ति या मूर्ति के पास दुर्गा बीसा या श्रीयंत्र रखा जाए तो व्यक्ति को धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
  • नवरात्रि की अष्टमी-नवमी की पूजा के दौरान मां दुर्गा को ध्वज या पताका जरूर चढ़ाएं। इससे देवी मां अत्यंत प्रसन्न होती हैं।
  • नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा श्रृंगार सामग्री और लाल चुनरी के बिना अधूरी होती है, इसलिए पूजा में दोनों चीजें जरूर चढ़ानी चाहिए।
  • अष्टमी-नवमी से पहले घर के मुख्य द्वार पर अशोक के पत्तों का वंदनवार जरूर लगाएं। इससे घर में समृद्धि बनी रहती है। ऐसे घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button