ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का 'हथौड़ा': कोल इंडिया को फटकार— 10 साल तक क्यों भटकाया? दिव्यांग उम्मीदवार को तुरंत ... राहुल गांधी का बड़ा अलर्ट: 'AI छीन लेगा IT की नौकरियां और मैन्युफैक्चरिंग पर होगा चीन का राज', छात्र... ZP इलेक्शन 2026: महाराष्ट्र में पंचायत चुनावों की घोषणा, फरवरी के पहले हफ्ते में होगा सियासी 'दंगल' दिल्ली में फिर गूंजी लॉरेंस बिश्नोई के नाम की गोली: रंगदारी नहीं दी तो व्यापारी के घर पर ताबड़तोड़ फ... इंटरनेशनल क्रिमिनल बनाम पैरोल: सरकार ने अबू सलेम की 14 दिन की अर्जी का किया विरोध, सिर्फ 2 दिन की दी... Zepto स्टोर बना 'टॉर्चर रूम': डिलीवरी बॉय को दी गई घिनौनी सजा, बदसलूकी की तस्वीरें देख खौल उठेगा खून केक कटा और शुरू हुआ 'कट्टा': गोरखपुर में पवन सिंह के बर्थडे पर भारी हंगामा, पुलिस एक्शन से मची भगदड़ अयोध्या की राह पर राहुल गांधी: कांग्रेस सांसद का बड़ा दावा— राम लला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे 'जनन... बिजनौर में 'अनोखा भक्त': 48 घंटे से लगातार हनुमान मंदिर की परिक्रमा कर रहा कुत्ता, लोग मान रहे चमत्क... विराट का 'जूनियर' और रोहित का साथ: मैदान के बाहर कोहली का सबसे प्यारा संदेश, वीडियो सोशल मीडिया पर व...
मध्यप्रदेश

जान जोखिम पर डालकर कैलाश ने बुझाई आग, शॉर्ट सर्किट की वजह से हो सकता था बड़ा हादसा

इंदौर: यूं तो कैलाश विजयवर्गीय राजनीति में अपने साहसी निर्णय लेने और विपरीत परिस्थितियों में हिम्मत दिखाने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन आज उनके इसी साहसी स्वभाव का जीता जागता नमूना देखने को मिला।

कालानी नगर के नजदीक ओम विहार कॉलोनी में आयोजित गरबे में शामिल होने जा रहे कैलाश विजयवर्गीय की नजर एक बिल्डिंग के बिजली मीटर से निकलती हुई आग पर पड़ी। जिससे बड़ी जनहानि का खतरा था। अपने साथ चल रहे लोगों को पुलिस और फायर ब्रिगेड से संपर्क करने का कहकर वो स्वयं अपनी सुरक्षा के समस्त प्रोटोकॉल भूलकर आग बुझाने दौड़ पड़े। वो ये भी जानते थे कि बिजली के सर्किट में लगी आग को पानी से नहीं बुझाया जाता। उन्होंने खुद ही आग पर मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। उनके इस तरह अपने आप को खतरे में डालने से उनके सुरक्षा कर्मी भौचक्के रह गए। विजयवर्गीय के बाद अन्य लोग भी आग बुझाने में लग गए और बड़ी घटना होने से पहले ही आग पर काबू पा लिया गया।  पूरी बिल्डिंग में धुंआ फैल गया था। इस 4 मंजिला बिल्डिंग में कई परिवार मौजूद थे। जिनकी जान खतरे में पड़ सकती थी। जनता द्वारा कैलाश विजयवर्गीय के इस कदम की सराहना की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कैलाश जी हैं। हमारे असली हीरो। इस उम्र में भी उनकी चुस्ती, फुर्ती और प्रेजेंस ऑफ माइंड देखकर लोग दंग रह गए।

Related Articles

Back to top button