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मध्यप्रदेश

जाली वेतन पर्ची-आइडी से एसबीआइ से 30 लाख रुपये का ऋण लिया, सात आरोपित गिरफ्तार

इंदौर। एसबीआइ बैंक को महिला ठग लाखों रुपये की चपत लगा गईं। दो महिलाओं ने खुद को नर्स और शिक्षिका बताकर बैंक से 30 लाख रुपये का व्यक्तिगत (पर्सनल) लोन लिया और फरार हो गईं। जालसाजी बैंक के आफिस ब्वाय की मदद से की। पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दस्तावेजों का सत्यापन करने वाले मैनेजर की भूमिका पर भी संदेह है।

डीसीपी जोन-1 आदित्य मिश्रा के अनुसार, फर्जीवाड़ा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) सीएसडब्ल्यूटी की शाखा में हुआ है। उप प्रबंधक देवेंद्र वर्मा की शिकायत पर रितू कौरव, मनोज कौरव, रीमा शर्मा, संजय शर्मा, दीपक कुमार जैन, विजय वर्मा और शुभम हेडव के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।

दस्तावेज भी फर्जी तैयार किए

वर्मा ने पुलिस को बताया कि एक महीने पूर्व आरोपित रीमा और रितू ने व्यक्तिगत ऋण (पर्सनल लोन) के लिए दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। रितू कौरव ने स्वयं को एमवाय अस्पताल की स्टाफ नर्स और रीमा शर्मा ने शासकीय विद्यालय (देपालपुर) में शिक्षिका बताया। आरोपितों ने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वेतन पर्ची (सैलरी स्लीप), बैंक स्टेटमेंट आदि दस्तावेज प्रस्तुत किए और ऋण लेकर फरार हो गई।

आरोपितों में महिलाओं के पति भी शामिल

शक होने पर बैंक अधिकारियों ने महिलाओं द्वारा बताए पते की जांच करवाई तो फर्जी निकले। डीसीपी ने विशेषज्ञों की टीम बनाई और महिलाओं, जमानतदारों के मोबाइल नंबर की जांच करवा कर गुरुवार रात सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों में महिलाओं के पति भी शामिल हैं।

रुपये बांटने के बाद पता जांचा, अधिकारी पर शक

बैंक ने सिबिल स्कोर के लिए प्राइवेट एजेंसी से डेटा मांगा तो रितू कौरव की नकारात्मक रिपोर्ट भेजी। वर्मा ने रितू को फोन लगाया लेकिन स्वजन ने कहा कि उसके नाना का निधन हो गया है। अधिकारियों ने रितू के खाते को फ्रीज करवा दिया। शुभम द्वारा प्रस्तुत अन्य प्रकरणों की जांच करवाई तो रीमा की फाइल हाथ लगी। बैंक द्वारा सीएमएचओ और जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी मांगी तो फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। देवेंद्र वर्मा (उप प्रबंधक) लोन प्रकरणों का भौतिक सत्यापन, प्रक्रिया संबंधित कार्य करते हैं। उनकी भूमिका संदिग्ध है। शुभम ने एजेंट विजय वर्मा के माध्यम से दस्तावेज पेश किए थे।

आफिस ब्वाय-एजेंट के इशारे पर बांटा ऋण

टीआइ राजेश साहू के अनुसार, आरोपित शुभम हेडव बैंक में आफिस ब्वाय की नौकरी करता है। सबसे पहले रीमा शर्मा ने ऋण के लिए दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। स्टेटमेंट में शासकीय खाते से वेतन जमा होना दर्शाया गया था। रीमा ने यह भी बताया कि पति संजय शिक्षा विभाग में चपरासी है। रीमा ने 14 लाख 22 हजार रुपये व्यक्तिगत ऋण स्वीकृत करवा लिया। 18 अक्टूबर को शुभम ने रितू कौरव की फाइल प्रस्तुत की। उप प्रबंधक वर्मा ने बैठे-बैठे दस्तावेजों का परीक्षण किया और फाइल शाखा के मैनेजर को भेज दी। रितू ने भी जाली दस्तावेजों से 15 लाख 70 हजार रुपये ऋण लिया।

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