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मध्यप्रदेश

अब ट्रंक्यूलाइज होंगी नीलगाय,माधव नेशनल पार्क छोंडेंगे,पक्षियों से परेशानी बरकरार

ग्वालियर। देश के महत्वपूर्ण एयरबेस में शुमार महाराजपुरा एयरबेस पर जिन नीलगायों के कारण परेशानी बनी हुई है, उसमें अब सबसे ज्यादा परेशानी वाले हिस्सों की नीलगायों को ट्रंक्यूलाइज किया जाएगा। इसके बाद इन्हें ग्वालियर से सबसे नजदीकी माधव नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा। अभी तक बोमा तकनीक से पकड़ने की योजना थी लेकिन प्राथमिक तौर पर समस्याएं को दूर करने के लिए पहले शार्ट टर्म कार्यक्रम कुछ नीलगायों को बेहोश करने का बनाया गया है। एयरफोर्स कैंपस में आने वाले सीवरेज के पानी से लेकर आसपास के कचरे के कारण रैप्टर श्रेणी के पक्षियों से एयरफोर्स की उड़ानों में लगातार बाधा आ रही है और पिछले एक साल में घटनाएं भी हुईं। इसको लेकर नगर निगम अगली बैठक से पहले इस समस्या को दूर करेगा। सोमवार को संभागायुक्त,एडीजी,कलेक्टर,नगर निगम आयुक्त सहित भिंड-मुरैना के अफसरों के साथ एयरफोर्स के उच्च अधिकारियों की बैठक में एयरफोर्स परिसर की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई और कार्ययोजना बनाई।

बता दें एयरफोर्स स्टेशन में नीलगाय से लेकर शिकारी पक्षियों की परेशानी काफी समय से चली आ रही है। एयरफोर्स स्टेशन अब लगभग आबादी क्षेत्र मे आ गया है जिस कारण सीवरेज के पानी से लेकर कचरे के ढ़ेर की समस्या अभी भी बनी हुई है। एयरफोर्स परिसर में 150 से ज्यादा नीलगाय हैं जो रनवे से लेकर उड़ान क्षेत्र तक में घुस आती हैं और यह भारी भरकम और बड़ी होने के कारण हादसा होने की आशंका बनी रहती है।

बोमा तकनीक: अभी गांधी सागर चीता प्रोजेक्ट में व्यस्त एक्सपर्ट

महाराजपुरा एयरबेस पर बोमा तकनीक से नीलगायों को पकड़ने को लेकर एक्सपर्ट और वेटेरनरी टीम की व्यस्तता खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है। एक्सपर्ट की टीम अभी गांधी सागर चीता प्रोजेक्ट में व्यस्त है और उम्मीद है कि दिसंबर के आखिर सप्ताह तक ग्वालियर एयरबेस पर बोमा तकनीक से नीलगायों को पकड़ने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए वन विभाग लगातार संपर्क में है। यहां से नीलगायों को पकड़ कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा जाना प्रस्तावित है।

कचरा-सीवर: नगर निगम करेगा प्रबंधन

एयरफोर्स कैंपस में नालों का भी जुड़ाव है और सीवरेज की गंदगी के कारण मवेशी से लेकर शिकारी पक्षी आ जाते हैं,इसके अलावा आसपास जो सिविल क्षेत्र में कचरा फैला रहता है। नगर निगम ने इसको लेकर पहले भी कार्ययोजना तैयार की है लेकिन मैदानी स्तर पर काम नहीं हो सका। सोमवार को हुई बैठक में नगर निगम के साथ इस मुददे पर काफी चर्चा हुई और अब जल्द इस समस्या को दूर करने का दावा किया गया है।

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