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मध्यप्रदेश

फाइलों में दबकर रह गई प्रदेश की नई पार्किंग पालिसी, अब आगामी सरकार से उम्मीद

भोपाल। प्रदेश की नई पार्किंग पालिसी का प्रस्ताव फाइलों में बंद होकर रह गया है। इसके लागू होने के बाद कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने थे, लेकिन कैबिनेट में इस पर चर्चा ही नहीं हो पाई। इसके चलते भोपाल, इंदौर जैसे बड़े शहरों में नए वाहन खरीदने से पहले पार्किंग प्रमाण पत्र देने, पार्किंग क्षेत्र अनिवार्य करने और भवन अनुज्ञा के नियमों में बदलाव करने की योजना पर अमल नहीं हो पा रहा है। इधर, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार की मंजूरी नहीं मिल सकी है, इस वजह से आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है। पालिसी पर अंतिम निर्णय सरकार का ही होगा। बता दें कि अब इस पालिसी का फैसला नई सरकार के हाथ में ही होगा। इसके लागू होने पर शहरों के यातायात में काफी सुधार होने की उम्मीद है।

आबादी से अधिक हुई वाहनों की संख्या

भोपाल जिले की बात करें तो यहां आबादी लगभग 26 लाख है तो वाहनों की संख्या इससे अधिक हो चुकी है। शहर में कालोनियों की गलियों से लेकर मुख्य मार्ग और फुटपाथ पर कार, दोपहिया और लोडिंग वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे यातायात तो बाधित होता ही है, जाम के हालात भी निर्मित होते हैं। इन्हीं हालात को सुधारने के लिए प्रदेश में नई पार्किंग पालिसी लागू की जानी है।

प्रस्ताव में बनाई गई है यह व्यवस्था

नई पार्किंग पालिसी में गतंव्य के पास ही वाहन खड़ा करने की सुविधा दी गई है। इससे बड़े शहर के रहवासियों को घर से बाजार या कार्यस्थल तक जाने पर बस स्टाप या मेट्रो स्टेशन के पास ही वाहन खड़े की सुविधा होगी। इसके साथ ही अस्पताल, फायर स्टेशन और बिजली कार्यालयों के गेट के आसपास यातायात प्रभावित न हो इसके लिए यहां से 20 मीटर दूर पार्किंग बनाने की योजना है। नगरीय निकायों के पास सार्वजनिक पार्किंग बनाने के लिए फंड कम होने पर भीड़ वाले क्षेत्रों में पीपीपी मोड पर मल्टी लेबल पार्किंग बनाने के साथ ही बाजारों में वाहनों के प्रवेश पर रोक और यहां से ई रिक्शा की सुविधा देने की योजना है।

जमीन की कीमत एवं लागत के अनुसार लगेगा शुल्क

पार्किंग स्थलों से अच्छा राजस्व प्राप्त हो, इसके लिए पालिसी के प्रस्ताव में सार्वजनिक पार्किंग में निजी वाहनों के लिए निश्शुल्क पार्किंग का चलन खत्म करने का प्रविधान है। इसके तहत शहरों में सार्वजनिक पार्किंग की जमीन जितनी महंगी होगी, उसी आधार पर पार्किंग शुल्क तय किया जाएगा। इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर दिव्यांगाों और महिलाओं के लिए अलग से पार्किंग स्थल आरक्षित करने का प्रस्ताव है।

एप से कटेगा नो पार्किंग का चालान

प्रदेश में पार्किंग पालिसी लागू होने के बाद इसके लिए मोबाइल एप्लीकेशन भी बनाई जाएगी। इसमें नो पार्किंग में खड़े वाहन का फोटो खींचकर एप में अपलोड कर दिया जाएगा, जिससे संबंधित वाहन मालिक का चालान स्वत: ही कट जाएगा। इस प्रस्ताव में भोपाल और अन्य बड़े शहरों में चार पहिया वाहन खरीदने के लिए पार्किंग स्थल बताना अनिवार्य किया गया है। वहीं खरीदी से पहले ही पार्किंग का प्रमाणपत्र देना होगा।

इनका कहना है

नई पार्किंग पालिसी का प्रस्ताव बनाया जा चुका है, जिसे मंजूरी के लिए शासन के पास भी भेजा गया था। इस पर निर्णय शासन द्वारा ही लिया जाएगा। इसके बाद ही पालिसी लागू हो सकेगी।

– भरत यादव, आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय

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