प्रधानमंत्री की रैली दिल्ली BJP प्रचार अभियान को दे सकती है मजबूती

नई दिल्ली: 8 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले अभियान में आवास और पेयजल जैसी दिल्ली सरकार की कमियों पर ध्यान केंद्रित करेगी और लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करेगी कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनसे अपने वादे पूरे नहीं किए। चुनाव प्रचार का संचालन कर रहे भाजपा पदाधिकारियों ने स्वीकार किया कि पार्टी इस समय कठिन लड़ाई का सामना कर रही है। इससे पार्टी पदाधिकारी प्रधानमंत्री मोदी के प्रचार से पार्टी के प्रचार अभियान को मजबूती मिलने की संभावना जता रहे हैं, जब मोदी जनवरी के अंत में दिल्ली में 4-5 सार्वजनिक रैलियों को संबोधित करेंगे।
उन्होंने कहा कि पार्टी को अनधिकृत कॉलोनियों और हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने जैसे मुद्दों पर अच्छा फीडबैक मिल रहा हैै। इसी के चलते पार्टी प्रचार होॄडग्स में इन मुद्दों पर जोर दे रही है। मोदी ने पिछले महीने रामलीला मैदान में एक रैली के साथ भाजपा के अभियान की शुरूआत की थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि अनधिकृत कालोनियों के नियमित करने के केंद्र के फैसले से 40 लाख लोग प्रभावित होंगे। इससे, दिल्ली में 2015 के चुनावों में भाजपा अपने वोट शेयर में लगभग 33 प्रतिशत में वृद्धि करेगी। वहीं भाजपा को उम्मीद है कि पी.एम. मोदी सबसे मजबूत चेहरा हैं जिनसे लोग दिल्ली में संबंध रखते हैं।
भाजपा सदस्यों ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) कानून के तहत पार्टी ने विदेशी अल्पसंख्यकों के लिए कार्य किया और कांग्रेस ने प्रदर्शनकारियों को उकसाया तथा हिंसा को भड़काया है। इसके अलावा, दिल्ली में मतदान के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के केंद्र की अधिसूचना भी पार्टी की संभावनाओं को बढ़ा सकती है। सी.एम. उम्मीदवार की घोषणा नहीं करना भाजपा की रणनीति के अनुरूप बताया जाता है।





