ब्रेकिंग
Gulmarg Accident: बारामूला में शेल फटने से बड़ा हादसा; मृतक की पहचान हुई, प्रशासन ने झूठी खबरों के खि... PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी; हिंद महासागर में भारत की बढ़ेगी र... Delhi BJP Organization: दिल्ली भाजपा ने 11 संगठनात्मक जिलों की नई टीम घोषित की; 33% महिलाओं को मिला ... Delhi Police Controversy: आदर्श नगर में पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर महिलाओं को थप्पड़ मारने का आरोप; CCTV... Pakistan Mobile Network in J&K: जम्मू-कश्मीर सीमा के अंदर आ रहे पाकिस्तानी मोबाइल सिग्नल; सुरक्षा एज... Datia News: दतिया के मंदिर में ताजियों की सलामी; 200 साल पुरानी परंपरा से दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता की... Kanpur Crime News: महंत पर हमले का आरोपी हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर गिरफ्तार? वायरल वीडियो से मचा हड़कंप Bareilly Accident News: कार रोकने के प्रयास में किसान की दर्दनाक मौत; घर के बाहर ढलान पर फिसल गई थी ... Noida Authority New Office: CM योगी आदित्यनाथ ने किया नोएडा के नए हाईटेक प्रशासनिक भवन का लोकार्पण; ... Mumbai Muharram Case: मुंबई में मोहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा खुलासा; जहरीले कैप्सूल बांटने वाला गिरफ्त...
मध्यप्रदेश

दो टावर को नहीं मिली रेलवे की अनुमति, 12 का काम निजी जमीन के चलते अटका

ग्वालियर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मोनोपोल लगाने के प्रोजेक्ट में रेलवे और निजी जमीन की अनुमति बाधा बन रही है। दो टावर रेलवे की अनुमति और 12 टावर निजी जमीन के चलते अटके पड़े हैं। ट्रांसमिशन कंपनी अनुमति मिलने का इंतजार कर रही है। कंपनी ने समस्या काे दूर करने के लिए रेलवे और प्रशासन से पत्राचार किया है। दरअसल 220 केवी पुतली स्टेशन से महलगांव सब स्टेशन को जोड़ने के लिए मोनोपोल टावर लगाने का काम शुरु किया गया। वर्ष 2018 में काम पूरा होना था, लेकिन रेलवे की अनुमति और निजी जमीन की उलझन से अब तक प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका।

अब कंपनी प्रोजेक्ट को वर्ष 2024 तक पूरा करने का दावा कर रही है। कंपनी को शहर में 39 टावर लगाने हैं। इनमें 10 सामान्य टावर तथा 29 मोनोपोल है। इसमें से 8 सामान्य टावर का काम पूरा हो चुका है। दो टावर रेलवे की अनुमति के कारण लंबित हैं। 29 मोनोपोल में से 13 के फाउंडेशन कंप्लीट हो चुके हैं। बांकी 16 मोनोपोल टावरों के फाउंडेशन बनाने का कार्य प्रगति पर है। इसमें 12 फाउंडेशन निजी जमीन के कारण लंबित हैं। इस प्रोजेक्ट के पूरे होने से आधे शहर को फॉल्ट से होने वाले लंबे पावर कट से राहत मिलेगी। लाइन को चेंज करने में लगने वाले समय तक ही पावर कट झेलनी होगी।

फाल्ट से गुल होने वाली बिजली समस्या से मिलेगी निजात

33केवीए लाइन व सब स्टेशन ओवरलोड होने के कारण लाइन दूसरी जगह से नहीं जोड़ पाते हैं। ऐसे में जब तक फाल्ट दुरुस्त नहीं होता है तब तक उस लाइन से जुड़ा इलाका अंधेरे में रहता है। विशेषकर गर्मी व बारिश में लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन मोनोपोल टावर लगने के बाद इस समस्या के निजात मिल जाएगी। इन पोलों की ऊंचाई पेड़ों से भी ऊंची है। वर्तमान में लाइनों की क्षमता 300 एम्पीयर है। इसकी वजह से लोड डायवर्ट नहीं कर पाते हैं, लेकिन मोनोपोल पर जो लाइन डाली जाएगी, उसमें 900 एम्पीयर तक का लोड चलाया जा सकेगा।

बाधाओं को दूर करने के लिए रेलवे के साथ प्रशासन से पत्राचार किया है। समस्याओं के जल्द निराकरण का अनुरोध किया गया है। दिक्कतों का निराकरण समय पर हो जाता है तो जनवरी 24 तक यह प्रोजेक्ट पूरा हो सकता है।

शशिकांत ओझा, जनसंपर्क अधिकारी, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी जबलपुर

Related Articles

Back to top button