ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का 'हथौड़ा': कोल इंडिया को फटकार— 10 साल तक क्यों भटकाया? दिव्यांग उम्मीदवार को तुरंत ... राहुल गांधी का बड़ा अलर्ट: 'AI छीन लेगा IT की नौकरियां और मैन्युफैक्चरिंग पर होगा चीन का राज', छात्र... ZP इलेक्शन 2026: महाराष्ट्र में पंचायत चुनावों की घोषणा, फरवरी के पहले हफ्ते में होगा सियासी 'दंगल' दिल्ली में फिर गूंजी लॉरेंस बिश्नोई के नाम की गोली: रंगदारी नहीं दी तो व्यापारी के घर पर ताबड़तोड़ फ... इंटरनेशनल क्रिमिनल बनाम पैरोल: सरकार ने अबू सलेम की 14 दिन की अर्जी का किया विरोध, सिर्फ 2 दिन की दी... Zepto स्टोर बना 'टॉर्चर रूम': डिलीवरी बॉय को दी गई घिनौनी सजा, बदसलूकी की तस्वीरें देख खौल उठेगा खून केक कटा और शुरू हुआ 'कट्टा': गोरखपुर में पवन सिंह के बर्थडे पर भारी हंगामा, पुलिस एक्शन से मची भगदड़ अयोध्या की राह पर राहुल गांधी: कांग्रेस सांसद का बड़ा दावा— राम लला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे 'जनन... बिजनौर में 'अनोखा भक्त': 48 घंटे से लगातार हनुमान मंदिर की परिक्रमा कर रहा कुत्ता, लोग मान रहे चमत्क... विराट का 'जूनियर' और रोहित का साथ: मैदान के बाहर कोहली का सबसे प्यारा संदेश, वीडियो सोशल मीडिया पर व...
देश

अब 13 जनवरी तक नहीं बजेगी शहनाइयां, लाखों रहेंगे कुंवारे, सामने आई वजह

जैतो: आज 16 दिसम्बर को मलमास लग गया है।जो आगामी 13 जनवरी 2024 तक जारी रहेगा जिस दौरान हिंदू शास्त्रों के मुताबिक कोई भी शुभ मंगलमय कार्य जैसे न‌ए गृह प्रवेश, भूमि पूजन, दुकान यक्षोपवीत ,मुंडन और विशेषकर सगाई व शादियां रचना वर्जित माना गया है जिससे अब 16 दिसम्बर से 13 जनवरी तक न होगी शादियां और न बजेंगी शहनाइयां।

करीब एक माह तक लाखों कुंवारों को अपनी शादियों का इंतजार करना पड़ेगा। प्रख्यात ज्योतिषाचार्य स्व. पंडित कल्याण स्वरूप शास्त्री विद्यालयलंकार के पुत्र पंडित शिव कुमार शर्मा के अनुसार भारत के सनातन धर्मों के लोग मलमास लगने से अपने बच्चों की शादियां नहीं करते हैं क्योंकि वह अपने बच्चों की शादियां शुभ मुहूर्त में ही रचना पसंद करते हैं। इस मास में सभी प्रकार के शुभ कार्य करना शास्त्रानुसार निषेध माना गया हैं।

क्या होता है मलमास ?
हिंदू पंचाग के अनुसार सूर्य वर्ष 365 दिन और करीब 6 घंटे का होता है, वहीं चंद्र वर्ष 354 दिनों का माना जाता है। ऐसे में दोनों चंद्र और सूर्य वर्षों के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर आ जाता है, जो तीन वर्ष में 33 दिन यानि की लगभग एक महीने का हो जाता है। इसी एक अतिरिक्त महीने को मलमास कहा जाता है। इसी बढ़े हुए माह को अधिक मास या मलमास कहा जाता है।

Related Articles

Back to top button