ब्रेकिंग
पशुपालकों के लिए खुशखबरी! एमपी में अब सरकार खरीदेगी दूध, सीएम मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान Shocking Crime: पति की हैवानियत! चरित्र शंका में पत्नी को दी रूह कंपा देने वाली सजा, गंभीर हालत में ... Haryana BJP News: भाजपा नेता कौशल शर्मा को मिला मंत्री पद का दर्जा; संगठन ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी Government Update: जनगणना ड्यूटी से नदारद 289 अधिकारियों पर गिरेगी गाज, FIR दर्ज करने का आदेश जारी Tamil Nadu Elections 2026: 'थलापति' विजय का चला जादू; 2 साल पुरानी पार्टी TVK ने कैसे ढहाए दिग्गजों ... Tamil Nadu Elections 2026: विजय की पार्टी TVK की धमाकेदार जीत; चेन्नई स्थित आवास पर डांस और गानों के... PM Modi on Bengal Results: 'हिंसा नहीं, विकास चाहिए'; बंगाल फतह के बाद प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं ... Baramati Bypoll Result 2026: सुनेत्रा पवार की रिकॉर्ड जीत; 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से विरोधियो... MP Government Plan: ग्वालियर को सौगात! ऋषि गालव के नाम पर बनेगा नया विश्वविद्यालय, शिक्षा के क्षेत्र... Kerala Election Results 2026: केरल में कांग्रेस गठबंधन की सत्ता में वापसी; मुस्लिम लीग का 85% स्ट्रा...
मध्यप्रदेश

यात्री किराया न बढ़े इसलिए रेलवे अब ऐसे बढ़ाएगा अपनी आमदनी

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल इन दिनों अन्य स्त्रोतों से आय कमाने के लिए नए-नए प्रयोग करने में जुटा है। अब वह ट्रेनों की बाहरी वाल को विज्ञापन के लिए किराए पर देगा। दरअसल जबलपुर स्थित पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) जोन का जबलपुर मंडल ई-टेंडर के जरिए पहली बार यह कार्य कर रहा है। जबलपुर रेल मंडल अपनी ट्रेनों के कोच और इंजन का वाणिज्यिक उपयोग कर उनमें विज्ञापन चस्पा करने के लिए ई-टेंडर निकाले हैं, जिसमें देश-विदेश की कंपनियों के अपने प्रचार-प्रसार के लिए रेलवे से संपर्क साधने की संभावना है।

देश और विदेश की कंपनियों का विज्ञापन दिखाई देगा

ट्रेन के कोच और इंजन की बाहरी वाल पर जबलपुर से लेकर देश और विदेश की कंपनियों का विज्ञापन दिखाई देगा। वर्तमान में जबलपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 38 ट्रेनों का संचालन होता है, जो देश के 26 से ज्यादा राज्य के शहरों से गुजरती है। इसका फायदा लेने के लिए रेलवे ने अब इंजन और कोच की वाल पर विज्ञापन देने के लिए पूरी तैयारी की है।

जनशताब्दी से शुरुआत, सोमनाथ पर जोर

जबलपुर रेल मंडल ने पहले भी रेलवे बोर्ड की विज्ञापन पालिसी के तहत ट्रेनों में विज्ञापन मांगे थे, लेकिन इसमें कई पेंच होने के कारण एक-दो कंपनियों ने ही रुचि दिखाई। वहीं मंडल के पास ट्रेनों की संख्या और उनके गंतव्य स्टेशन कम थे, लेकिन आज जबलपुर की ट्रेनें देश के 26 राज्यों तक अपना रेल संपर्क बनाए हुए हैं, जिसको रेलवे भुनाने में जुट गया है। इस बार ई टेंडर के जरिए देश ही नहीं बल्कि विदेशी कंपनियों को भी विज्ञापन देने के लिए आमंत्रित किया गया है। पहले चरण में सिर्फ जबलपुर से रानीकमलापति के बीच चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस के कोच में ही विज्ञापन दिए गए थे, लेकिन प्रदेश की सीमा में सीमित होने के कारण यह ज्यादा नहीं चल सकी।

सोमनाथ एक्सप्रेस से होगी शुरुआत

कमर्शियल विभाग ने इस बार सभी ट्रेन, उनके रूट और गति के साथ कोचों की हालात पर अध्ययन कर विज्ञापन के लिए ई टेंडर आमंित्रत किया है। इनमें खासतौर पर निजी और शासकीय विभागों के विज्ञापन के साथ-साथ एक से दूसरे राज्य में चलने वाले विज्ञापन और भाषा को भी ध्यान में रखा है। सबसे पहले वह जबलपुर से गुजरात के सोमनाथ जाने वाली सोमनाथ एक्सप्रेस पर विज्ञापन देगा। हालांकि पिछले बार इन दिक्कतों की वजह से उसकी यह नीति ज्यादा दिन नहीं चली। इधर कमर्शियल विभाग पर आय बढ़ाने का दबाव बढ़ता जा रहा है। अभी तक यात्री किराए के अलावा वह अनाधिकृत यात्री पर जुर्माना लगाने, मालगाड़ी की सफाई, पार्सल की लीज, स्टाल से लेकर अन्य स्त्रोंतों से अपनी आय बढ़ाने में जुटा है।

क्या है योजना

  • जबलपुर रेल मंडल के पास वर्तमान में लगभग 600 से ज्यादा कोच और 100 से ज्यादा इंजन हैं।
  • इनमें एसी, स्लीपर और स्पेशल ट्रेन के कोच हैं, जो सीधे 26 राज्यों तक अपना सफर करते हैं।
  • इन कोच में खिड़की के नीचे वाली बाहरी पट्टी पर जल्द ही राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कंपनी के विज्ञापन होंगे।
  • विज्ञापन के दाम और समय में भी कई बदलाव किए हैं, ताकि इस बार कंपनी आए और आय बढ़ें।
  • रेलवे ने पहले चरण में सोमनाथ, जम्मूतवी और गरीब रथ जैसी ट्रेनों को लिया है।

रेलवे अन्य स्त्रोतों से अपनी आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। जबलपुर से देशभर के लिए चलने वाली लगभग 36 से ज्यादा ट्रेनों में विज्ञापन लगाएगा। इसके लिए निजी कंपनियों को आमंित्रत किया गया है। ई टेंडर प्रक्रिया आने के बाद उम्मीद है कि देशभर से कंपनियां इसमें रूझान दिखाएंगी।

विश्वरंजन, सीनियर डीसीएम जबलपुर रेल मंडल पमरे।

Related Articles

Back to top button