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Nirbhaya case Updates: राष्ट्रपति ने खारिज की मुकेश की दया याचिका, फांसी से बचने का आखिरी रास्ता भी बंद

नई दिल्ली। 2012 Delhi Nirbhaya Case: निर्भया मामले में ताजा घटनाक्रम में चारों दोषियों में से एक मुकेश सिंह की दया याचिका केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज कर दी है। ऐसे फांसी से बचने का अंतिम रास्ता भी बंद हो गया और मुकेश को फांसी लगनी तय है।

वहीं, इस पूरे मुद्देन पर निर्भया की मां का कहना है कि वह राजनीति की बात नहीं करेंगीं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने 2012 में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था, वही लोग आज इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।

फांसी टलने पर राजनीतिक घमासान

निर्भया के दोषियों की फांसी टलने पर दिल्ली के राजनीतिक गलियारे में घमासान मचा हुआ है। दिल्ली भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने इसके लिए आप की दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार का एक मंत्री इतने संवेदनशील मुद्दे पर इतना बड़ा झूठ कैसे बोल सकता है। दिल्ली सरकार निर्भया के दोषियों को जल्द फांसी दिलाने के पक्ष में है। वही जावडेकर का कहना है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामले में आप सरकार असंवेदनशील हो गई है।

केंद्रीय मंत्री ने अर¨वद केजरीवाल सरकार से प्रश्न किया कि पिछले ढाई वर्षो में दया याचिका दायर करने के लिए दोषियों को दिल्ली सरकार ने नोटिस क्यों नहीं दिया? सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 में दोषियों की अपील को खारिज कर दिया था और उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। लेकिन, केजरीवाल सरकार के रवैये से उन्हें सजा नहीं मिली। अगर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के एक सप्ताह के भीतर दोषियों को नोटिस दिया होता तो उन्हें अबतक फांसी की सजा मिल गई होती।

मीनाक्षी लेखी ने आरोप लगाया कि एक अन्य बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपित के रिश्तेदार को आम आदमी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है।

वहीं भाजपा पर पलटवार करते हुए सिसोदिया ने कहा कि मैंने जावडेकर का बयान सुना, सुनकर मुङो बड़ा ही दुख हुआ है। एक ऐसा मामला जिसके फैसले का इंतजार पूरा देश, हमारी न्यायिक व्यवस्था और निर्भया के माता-पिता कर रहे हैं, इतने संवेदनशील मुद्दे पर वह झूठ बोल रहे हैं। दिल्ली सरकार दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दिलवाने के पक्ष में है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशासन और गृह मंत्रलय आपके हाथ में है। तिहाड़ के महानिदेशक की नियुक्ति आपके हाथ में और आप कह रहे हैं कि दिल्ली सरकार ने नहीं किया। उन्होंने जावडेकर से कहा कि आप गृह मंत्री से पूछिए कि जब तिहाड़ का प्रशासन उनके अधीन आता है तो उन्होंने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की, क्यों वह अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं? सिसोदिया ने कहा कि यदि आप से कुछ नहीं हो पा रहा तो मात्र 2 दिन के लिए पुलिस प्रशासन दिल्ली सरकार के अधीन दे दीजिए, हम निर्भया के दोषियों को फांसी पर चढ़ा कर दिखाएंगे।

वहीं सांसद संजय सिंह ने कहा कि दया याचिका को दिल्ली सरकार ने मात्र कुछ ही घंटों में खारिज कर दिया। पूरा देश जानता है कि दिल्ली की कानून व्यवस्था केंद्र के हाथ में है।

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