ब्रेकिंग
HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता स... गाजियाबाद में निषाद पार्टी का कार्यक्रम, काफी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क...
मध्यप्रदेश

नई टीम, नई चुनौती, नवाचार फिर भी नंबर वन हमारा इंदौर – महापौर पुष्यमित्र भार्गव

इंदौर। नई टीम, नई चुनौती, नवाचार फिर भी नंबर वन हमारा इंदौर स्वच्छ सर्वेक्षण में इंदौर के सामने इस बार कुछ अलग तरह की चुनौतियां थीं। सबसे पहली तो थी स्वच्छता में सिरमौर बने रहना। इस ताज को बनाए रखना। हम लगातार छह वर्षों से सर्वेक्षण में पहले नंबर पर आ रहे थे। देशभर में पहले नंबर पर आना बहुत मुश्किल नहीं, लेकिन इस स्थान पर लगातार बने रहना बहुत मुश्किल होता है। यह बात इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर के सातवीं बार नंबर वन आने पर कही।

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि खुशी की बात यह है कि इंदौर ने इस मुश्किल को पार कर लिया। दूसरी चुनौती थी सर्वेक्षण के समय शहर की स्वच्छता को बनाए रखना। यह पहला मौका था जब सर्वेक्षण वर्षाकाल में हुआ। ऐसे में स्वच्छता का मापदंडों पर खरा उतरना आसान नहीं था, लेकिन सफाई मित्रों के अथक प्रयासों से यह संभव हो सका। हमारे सामने तीसरी बड़ी चुनौती थी नई टीम के साथ नई चुनौतियों को स्वीकारना।

नगर निगम में बदलाव के बाद अधिकारियों की लगभग पूरी टीम बदल गई थीं। नई टीम के साथ इंदौर की स्वच्छता की सफाई की परंपरा का निर्वाहन आसान नहीं था, लेकिन आपसी समन्वय की वजह से हम हमारी परंपरा का निर्वाहन करने में सफल रहे। आज इंदौर ने स्वच्छता का सातवां आसमान छुआ है तो यह टीम वर्क का ही परिणाम है। जनभागीदारी, आपसी समन्वय और एक-दूसरे की मदद का जज्बा ये कुछ ऐसी बातें हैं जो इंदौरियों की पहचान बन चुकी हैं।

ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट पर बहुत काम किया

उन्होंने कहा कि इस बार हमने ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट पर बहुत काम किया। इसके अलावा बेकलाइनों की सफाई और सुंदरता पर भी काम हुआ है। इस बार हमने नवाचार करते हुए सफाई मित्रों के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन बनाई। हमारे सफाई मित्र जो दिनभर शहर को चकाचक बनाए रखने में जुटे रहते हैं उन्हें अपने छोटे-छोटे काम के लिए जोन कार्यालय के चक्कर न काटना पड़े इसके लिए प्रत्येक जोन कार्यालय पर सफाई मित्र सहायता केंद्र खोले।

इसका फायदा यह मिला कि सफाई मित्रों के मन में यह विश्वास और दृढ हुआ कि निगम उनके साथ है और उनकी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान को लेकर सजग है। निगम को फायदा यह मिला कि सफाई मित्रों ने अपनी शत प्रतिशत क्षमता इंदौर को चकाचक करने में लगा दी और आज इंदौर ने स्वच्छता का सातवां आसमान छू लिया। यह सफलता पूरे इंदौर की सफलता है। हर इंदौरी को इस पर गर्व है। मैं भी गर्व से कह सकता हूं कि मैं उस इंदौर का महापौर हूं जिसने स्वच्छता का सातवां आसमान छूआ है।

Related Articles

Back to top button