ब्रेकिंग
नाम के आगे 'शंकराचार्य' कैसे लगाया? मेला प्रशासन के नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का करारा जवाब,... सुखबीर बादल का CM मान पर बड़ा हमला: बोले- मुख्यमंत्री में लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं, वादों ... कातिल चाइना डोर का कहर! युवक के चेहरे और नाक पर आए दर्जनों टांके, मौत के मुंह से बचकर लौटा पीड़ित Jalandhar Crime: रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी, 9 लोगों पर FIR दर्ज; जानें जालंधर में ठगी का पूरा म... भगवंत मान सरकार के रोजगार के दावे फेल! पंजाब में फैला फर्जी ट्रैवल एजेंटों का मकड़जाल, विदेश भेजने क... Drug Smuggling Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद; 2 तस्करों को रंगे हाथों ... शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल! सरकारी स्कूलों में लेक्चरर्स का टोटा, बिना एक्सपर्ट्स के कैसे प... Ludhiana Weather: कोहरे की सफेद चादर में लिपटा लुधियाना, 22 और 23 जनवरी को आंधी-बारिश का डबल अटैक; म... आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका! 45 निजी अस्पताल योजना के पैनल से बाहर, इलाज के लिए दर-दर भटकने क... Haryana Agniveer Quota: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस सरकारी भर्ती में मिलेगी प्राथ...
व्यापार

कृषि-कर्ज लक्ष्य को बढ़ाकर 22-25 लाख करोड़ कर सकती है सरकार

सरकार आगामी अंतरिम बजट में अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि कर्ज लक्ष्य को 22-25 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। साथ ही यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पात्र किसान की संस्थागत ऋण तक पहुंच हो। सूत्रों ने यह जानकारी दी। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार का कृषि-ऋण लक्ष्य 20 लाख करोड़ रुपए है।

वर्तमान में, सरकार सभी वित्तीय संस्थानों के लिए तीन लाख रुपए तक के अल्पकालिक कृषि ऋण पर दो प्रतिशत की ब्याज छूट प्रदान करती है। इसका मतलब है कि किसानों को प्रति वर्ष सात प्रतिशत की रियायती दर पर तीन लाख रुपए तक का कृषि ऋण मिल रहा है। समय पर भुगतान करने वाले किसानों को प्रति वर्ष तीन प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज छूट भी प्रदान की जा रही है। किसान दीर्घकालिक ऋण भी ले सकते हैं लेकिन ब्याज दर बाजार दर के अनुसार होती है।

सूत्रों ने कहा कि वित्तवर्ष 2024-25 के लिए कृषि-ऋण लक्ष्य बढ़कर 22-25 लाख करोड़ रुपए हो सकता है। कृषि-ऋण पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है और सरकार छूटे हुए पात्र किसानों की पहचान करने और उन्हें ऋण नेटवर्क में लाने के लिए कई अभियान चला रही है। सूत्रों ने कहा कि कृषि मंत्रालय ने एक केंद्रित दृष्टिकोण के तहत ‘क्रेडिट’ पर (ऋण के लिए) एक अलग प्रभाग भी बनाया है। इसके अलावा, सूत्रों ने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में विभिन्न कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋण वितरण लक्ष्य से अधिक रहा है।

सरकारी आंकड़े दर्शाते हैं कि चालू वित्तवर्ष में, दिसंबर 2023 तक 20 लाख करोड़ रुपए के कृषि-ऋण लक्ष्य का लगभग 82 प्रतिशत हासिल कर लिया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उक्त अवधि में निजी और सार्वजनिक दोनों बैंकों द्वारा लगभग 16.37 लाख करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया गया है। सूत्रों ने कहा, “कृषि-ऋण वितरण इस वित्तवर्ष में भी लक्ष्य से अधिक होने की संभावना है।” वित्तवर्ष 2022-23 के दौरान, कुल कृषि ऋण वितरण 21.55 लाख करोड़ रुपए था। यह इस अवधि के लिए रखे गए 18.50 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से अधिक था। आंकड़ों के अनुसार, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के नेटवर्क के माध्यम से 7.34 करोड़ किसानों ने ऋण प्राप्त किया है। 31 मार्च 2023 तक करीब 8.85 लाख करोड़ रुपए बकाया था।

Related Articles

Back to top button